नोएडा और ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण के चलते ग्रैप-1 लागू
कोयला और डीजल जनरेटर पर लगा प्रतिबंध
तेजस न्यूज संवाददाता
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण के स्तर को देखते हुए प्रदूषण विभाग की तरफ से पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। ग्रैप-1 के प्रतिबंध तब तक लागू किए जाते हैं, जब तक एक्यूआई 201 से 300 के बीच रहता है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस मौसम के औसत से कम है। वहीं, वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी रही। नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 246 दर्ज किया गया। जबकि ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 279 दर्ज किया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) से मिली जानकारी के मुताबिक, नोएडा और ग्रेटर नेडा का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के तहत, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 246 और 279 दर्ज किया गया। यह खराब श्रेणी में दर्ज किया जाता है। सीपीसीबी के मानकों के तहत शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम, 201 से 300 को खराब, 301 से 400 को बेहद खराब और 401 से 500 को गंभीर श्रेणी में दर्ज किया जाता है।
ग्रैप-1 में होंगे कई बड़े बदलाव
ग्रैप-1 लागू होने के बाद प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर सख्ती बढ़ जाएगी। होटल, रेस्टोरेंट और खुले खाने-पीने की दुकानों में तंदूर के लिए कोयला और लकड़ी का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। अब केवल गैस, बिजली और साफ ईंधन वाले उपकरणों का प्रयोग किया जा सकेगा। डीजल जनरेटर का प्रयोग सामान्य बिजली सप्लाई के लिए नहीं किया जा सकेगा। हालांकि, आवश्यक और आपात स्थिति में ही डीजल जनरेटर को चलाने की अनुमति दी जाएगी।