एचआरआईटी विश्वविद्यालय में गूंजा नशामुक्त भारत का संदेश, एनसीसी कैडेट्स ने निकाली जागरूकता रैली

एचआरआईटी विश्वविद्यालय, गाजियाबाद में भारतीय शिक्षण मंडल, मेरठ प्रांत एवं नशा मुक्त भारत अभियान के संयुक्त तत्वावधान में ‘नशे के पार, आज़ादी के द्वार’ विषय पर जागरूकता व्याख्यान एवं विशाल नशा मुक्ति रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों, एनसीसी कैडेट्स और गणमान्य व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

एचआरआईटी विश्वविद्यालय में गूंजा नशामुक्त भारत का संदेश, एनसीसी कैडेट्स ने निकाली जागरूकता रैली
तेजस न्यूज संवाददाता 
‘नशे के पार, आज़ादी के द्वार’ विषय पर आयोजित हुआ जागरूकता व्याख्यान, युवाओं से नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान

गाजियाबाद, 
युवाओं को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और उसके गंभीर दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा समाज में नशामुक्ति का संदेश प्रसारित करने के उद्देश्य से एचआरआईटी विश्वविद्यालय, गाजियाबाद में भारतीय शिक्षण मंडल, मेरठ प्रांत एवं नशा मुक्त भारत अभियान के संयुक्त तत्वावधान में ‘नशे के पार, आज़ादी के द्वार’ विषय पर जागरूकता व्याख्यान एवं विशाल नशा मुक्ति रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों, एनसीसी कैडेट्स और गणमान्य व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस दौरान युवाओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) अनुज त्यागी, प्रोफेसर (फिजिसिस्ट), रेडियोथेरेपी विभाग, एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज, मेरठ ने अपने संबोधन में नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि उसके परिवार की खुशहाली, सामाजिक प्रतिष्ठा और आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करता है। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता, कार्यक्षमता और भविष्य की संभावनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। इसका असर धीरे-धीरे पूरे परिवार और समाज तक पहुंचता है।

उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं को विशेष रूप से आगाह करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बेहद आवश्यक हैं। युवाओं को नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा का उपयोग शिक्षा, अनुसंधान, खेलकूद, नवाचार और रचनात्मक गतिविधियों में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनके स्वस्थ, जागरूक एवं जिम्मेदार होने से ही राष्ट्र का भविष्य मजबूत बन सकता है।

कार्यक्रम में भारतीय शिक्षण मंडल, मेरठ प्रांत के समन्वयक प्रो. (डॉ.) प्रदीप कुमार शर्मा, सह-समन्वयक प्रो. (डॉ.) विभू सहानी तथा प्रो. (डॉ.) अलका अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों, अभिभावकों और युवाओं को मिलकर प्रयास करने होंगे। विद्यार्थियों को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने मित्रों, परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना चाहिए।
एनसीसी कैडेट्स ने रैली निकालकर दिया नशामुक्ति का संदेश 
जागरूकता व्याख्यान के उपरांत 37 यूपी एनसीसी बटालियन के कैडेट्स द्वारा विश्वविद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में विशाल नशा मुक्ति जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में एनसीसी कैडेट्स ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लिया। उनके हाथों में नशामुक्ति से संबंधित संदेश लिखी तख्तियां थीं। प्रेरणादायी नारों के माध्यम से उन्होंने आमजन को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

रैली के माध्यम से कैडेट्स ने लोगों को संदेश दिया कि नशा व्यक्ति की प्रतिभा, क्षमता और भविष्य को कमजोर करता है। इसलिए समाज के प्रत्येक नागरिक को नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर खेल, शिक्षा, सामाजिक सेवा और सकारात्मक गतिविधियों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। कैडेट्स ने यह भी संदेश दिया कि युवा शक्ति ही राष्ट्र का भविष्य है और जागरूक युवा ही सशक्त, स्वस्थ एवं विकसित भारत की आधारशिला रख सकते हैं।
विश्वविद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने भी बढ़ाया अभियान का उत्साह
इस जागरूकता अभियान में एचआरआईटी विश्वविद्यालय के माननीय कुलाधिपति डॉ. अनिल अग्रवाल, माननीय उपकुलाधिपति डॉ. अंजुल अग्रवाल, माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) डी.के. शर्मा, कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार और अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) अनुभव कुमार सहित विश्वविद्यालय के एएनओ (एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर), शिक्षकगण, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्री सुनील कुमार यादव एवं श्री यश शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों को समझने और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक होने का अवसर प्रदान किया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षण संस्थान केवल शैक्षणिक ज्ञान देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार, सामाजिक चेतना और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
नशामुक्त भारत के निर्माण का लिया संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और एनसीसी कैडेट्स ने सामूहिक रूप से नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। सभी ने स्वयं नशे से दूर रहने, अपने आसपास के लोगों को जागरूक करने और समाज में नशामुक्ति का संदेश प्रसारित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि नशे से आजादी ही बेहतर जीवन, स्वस्थ समाज और उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक जनजागरूकता के माध्यम से ही नशामुक्त एवं सशक्त भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है।