55 फुट ऊंचे रावण को अंतिम रूप देने में जुटा अनीस का परिवार

दशहरा पर्व को लेकर खेकड़ा कस्बे में तैयारियां तेज हो गई हैं। नालापार बस्ती में मुस्लिम कारीगर अनीस का परिवार 55 फुट ऊंचे रावण के पुतले को अंतिम रूप देने में दिन-रात जुटा है। पीढ़ियों से रावण और उसके परिवार के पुतले बनाने का काम कर रहा यह परिवार सांप्रदायिक सौहार्द और पारंपरिक कला की मिसाल पेश कर रहा है। पुतले के निर्माण को देखने के लिए दिनभर लोगों की भीड़ पहुंच रही है।

55 फुट ऊंचे रावण को अंतिम रूप देने में जुटा अनीस का परिवार

55 फुट ऊंचे रावण को अंतिम रूप देने में जुटा अनीस का परिवार
- पीढ़ियों से दशानन के पुतले बना रहे मुस्लिम कारीगर, लोनी से हापुड़ तक मिलते हैं ऑर्डर
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
दशहरा पर्व को लेकर कस्बे में तैयारियां तेज हो गई हैं। नालापार बस्ती में मुस्लिम कारीगर अनीस का परिवार 55 फुट ऊंचे रावण के पुतले को अंतिम रूप देने में दिन-रात जुटा है। पीढ़ियों से रावण और उसके परिवार के पुतले बनाने का काम कर रहा यह परिवार सांप्रदायिक सौहार्द और पारंपरिक कला की मिसाल पेश कर रहा है। पुतले के निर्माण को देखने के लिए दिनभर लोगों की भीड़ पहुंच रही है।
कस्बे की नालापार बस्ती निवासी अनीस का परिवार रावण के पुतले बनाने में माहिर माना जाता है। परिवार के सदस्य खेकड़ा के साथ ही आसपास के शहरों और गांवों में दशहरा पर्व पर दहन किए जाने वाले रावण के पुतले भी तैयार करते हैं। अनीस के अनुसार, उनके पूर्वज सदियों से इस कला से जुड़े रहे हैं। परिवार की कई पीढ़ियां इस परंपरा को आगे बढ़ाती आ रही हैं। कारीगर जन्माष्टमी पर्व के बाद ही पुतले बनाने का काम शुरू कर देते हैं। विशालकाय पुतलों को तैयार करने के लिए कुशल कारीगर आसानी से नहीं मिलते। ऐसे में अनीस अपने परिवार के सदस्यों की टीम के साथ ही पुतले तैयार करते हैं। नए लोगों को केवल सहयोग के लिए रखा जाता है, जबकि पुतले का मुख्य निर्माण परिवार के अनुभवी सदस्य ही करते हैं। अनीस के परिवार को खेकड़ा के अलावा लोनी, गाजियाबाद, हापुड़ और शामली समेत आसपास के कई शहरों तथा गांवों से रावण के पुतले बनाने के ऑर्डर मिलते हैं। इन दिनों 55 फुट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण अंतिम चरण में है। पुतले का विशाल आकार और कारीगरों की मेहनत लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। दशहरा पर्व पर रावण दहन की तैयारियों के बीच अनीस का परिवार अपनी पुश्तैनी कला को सहेजने में जुटा है।