उत्तम तप धर्म की आराधना से होगा आत्मकल्याण

दशलक्षण महापर्व के तहत मंगलवार को कस्बे और बड़ागांव के जैन मंदिरों में उत्तम तप धर्म की श्रद्धा और भक्तिभाव से आराधना की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान शांतिनाथ और भगवान महावीर की पूजा-अर्चना कर जीवन में संयम और आत्मशुद्धि का संकल्प लिया। मंदिरों में दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

उत्तम तप धर्म की आराधना से होगा आत्मकल्याण

उत्तम तप धर्म की आराधना से होगा आत्मकल्याण
- दशलक्षण महापर्व पर मंदिरों में हुए धार्मिक आयोजन, बच्चों ने प्रस्तुत किए सांस्कृतिक कार्यक्रम
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
दशलक्षण महापर्व के तहत मंगलवार को कस्बे और बड़ागांव के जैन मंदिरों में उत्तम तप धर्म की श्रद्धा और भक्तिभाव से आराधना की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान शांतिनाथ और भगवान महावीर की पूजा-अर्चना कर जीवन में संयम और आत्मशुद्धि का संकल्प लिया। मंदिरों में दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कस्बे के छोटा बाजार स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में पंडित राजेश राज के सानिध्य में श्री इंद्रध्वज महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। विधान के पुण्यार्जक सुरेश चंद्र जैन और रॉबिन जैन रहे। पंडित राजेश राज ने कहा कि मनुष्य को अपने कर्मों की शुद्धि के लिए तप की साधना करनी चाहिए। श्रावक से सिद्ध परमेष्ठी तक की यात्रा तप और ज्ञान के माध्यम से ही पूरी होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान शांतिनाथ की आराधना कर जीवन को सार्थक बनाने का आह्वान किया। इस दौरान बच्चों ने भगवान शांतिनाथ को समर्पित सांस्कृतिक कार्यक्रम और नाटिका प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। समाज के प्रधान नितिन जैन, सुमेर जैन, अक्षिता जैन, प्रदीप जैन, शुभम जैन, जिनेश जैन, नीतू जैन और मनोज जैन मौजूद रहे। भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में ब्रह्मचारी आशु जैन के सानिध्य में उत्तम तप धर्म की पूजा हुई। भगवान महावीर का प्रसुक जल से अभिषेक और शांतिधारा करने का सौभाग्य मुकेश जैन और अंशुल जैन को प्राप्त हुआ। श्रद्धालुओं ने विधान में शामिल होकर भगवान महावीर की पूजा-अर्चना की। इस मौके पर प्रवीण जैन, सतीश जैन, वीरेंद्र जैन, नितिन जैन, दिव्यांश जैन, मधु जैन और सपना जैन मौजूद रहे। वहीं, बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ को 20 अर्घ्य अर्पित कर उत्तम तप धर्म की आराधना की। श्रद्धालुओं ने तप, संयम और आत्मशुद्धि के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान त्रिलोक चंद जैन, प्रदीप जैन, संजीव जैन, राजेश जैन और नवीन जैन मौजूद रहे।