घीसा संत के बाड़े में गूंजा भक्ति का जयघोष, माता-पिता की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा

कस्बे के ऐतिहासिक घीसा संत के बाड़े में मंगलवार को दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति के माहौल में हुआ। पहले दिन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच घीसा संत के माता-पिता सदासुख और केतकी बाई की प्रतिमाओं की विधि-विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस दौरान पूरा परिसर "घीसा संत महाराज की जय" के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

घीसा संत के बाड़े में गूंजा भक्ति का जयघोष, माता-पिता की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा

घीसा संत के बाड़े में गूंजा भक्ति का जयघोष, माता-पिता की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा
-  मंत्रोच्चार के बीच सम्पन्न हुआ धार्मिक अनुष्ठान, आज गुरु पूर्णिमा पर होगा विशाल भंडारा
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
कस्बे के ऐतिहासिक घीसा संत के बाड़े में मंगलवार को दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति के माहौल में हुआ। पहले दिन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच घीसा संत के माता-पिता सदासुख और केतकी बाई की प्रतिमाओं की विधि-विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस दौरान पूरा परिसर "घीसा संत महाराज की जय" के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूजा-अर्चना की और संत परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। प्राण प्रतिष्ठा के दौरान पूरे वातावरण में भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष संचार देखने को मिला। 
घीसा संत खेकड़ा के ही निवासी थे। उनके पिता सदासुख और माता केतकी बाई थीं। कहा जाता है कि बाल्यकाल में ही उन्हें अलौकिक ज्ञान की प्राप्ति हो गई थी। कम उम्र में ही वे बड़े-बड़े शास्त्राचार्यों के साथ शास्त्रार्थ करने लगे और अपनी विद्वता व आध्यात्मिक शक्ति से हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब सहित अनेक प्रदेशों में लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन गए। युवावस्था में ब्रह्मलीन होने के बाद उनके सम्मान में देशभर में 100 से अधिक गद्दियों की स्थापना हुई, जिनमें खेकड़ा स्थित संत का बाड़ा प्रमुख माना जाता है। महंत देवेंद्र दास ने बताया कि प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के बाद गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ एवं सत्संग आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि बुधवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर श्रद्धालु घीसा संत तथा उनके माता-पिता का पूजन-अर्चन करेंगे और सभी के लिए विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।