तेजेश चौहान ,तेजस
गाजियाबाद के सिटी मजिस्ट्रेट गम्भीर सिंह बच्चों की शिक्षा को लेकर वाकई बेहद गंभीर है। क्योंकि उनके पास शिक्षा के मुद्दे को लेकर कोई भी पहुंचता है। तो निश्चित तौर पर उसे निराश होकर वापस नहीं लौटना पड़ता है। उसका हर हाल में समाधान कराते हैं। बड़ी बात यह है कि वह खुद खासतौर से सरकारी स्कूलों का विशेष ध्यान रखते हैं। अच्छा न कि वह किसी भी स्कूल का दौरा करते हैं 26 जनवरी से 1 दिन पहले सिटी मजिस्ट्रेट की एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली जहां पर वह खुद प्राइमरी स्कूल पहुंचे और बच्चों को खुद पढ़ाया। जैसे ही सिटी मजिस्ट्रेट की जानकारी लोगों को मिली तो वाकई हर कोई उनकी सराहना कर रहा है।

इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट गम्भीर सिंह ने बताया कि बचपन से ही उन्हें पढ़ने और पढ़ाने का बड़ा शौक रहा है।भले ही वह पीसीएस अधिकारी बन गए हैं। लेकिन अभी भी उनकी जिज्ञासा बच्चों को किसी ना किसी रूप में शिक्षित कराए जाने की रहती है। यानी जो बच्चे पढ़ना चाहते हैं और अपने माता-पिता की आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के कारण वह पढ़ाई नहीं कर पाते।ऐसे तमाम बच्चों को पढ़ाना उनकी प्राथमिकता रहती है। उन्होंने बताया कि जिस दिन से वह सरकारी सेवा में आए हैं और अब जिस जिले में भी वह रहे हैं उन्होंने शिक्षा को प्राथमिकता दी है।

अचानक ही सिटी मजिस्ट्रेट कवि नगर स्थित प्राथमिक विद्यालय पहुंचे इस मौके पर बेसिक शिक्षा खंड अधिकारी हेमेंद्र सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य राजकुमार ने बताया कि इस विद्यालय में कुल 157 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं।
लेकिन इन सभी 157 बच्चों को वह खुद ही शिक्षा देते हैं।लेकिन बड़ी बात यह है कि यहां पर बच्चों की पढ़ाई प्रोजेक्टर के माध्यम से कराई जाती है जो एकदम अलग है। बेसिक शिक्षा खंड अधिकारी हेमेंद्र सिंह ने बताया कि प्राथमिक विद्यालयों में बड़ा सुधार किया गया है।
इसी कड़ी में इस विद्यालय में भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। बच्चों को पीने के लिए आरो का पानी उपलब्ध है। साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। सभी दीवार पर आकर्षक पेंटिंग बनाई गई है। बच्चों के बैठने की बेहतर व्यवस्था है और प्रोजेक्टर के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाता है और मिड डे मील की भी पूरी व्यवस्था है।
जैसे ही सिटी मजिस्ट्रेट को इस विद्यालय में शिक्षकों का अभाव महसूस हुआ तो उन्होंने खुद कहा कि उनकी पत्नी एक एनजीओ चलाती है और एक शिक्षक का वेतन वह खुद अपनी पत्नी से दिलवाएंगे। इसके अलावा भी सरकार की तरफ से प्राथमिक विद्यालयों में जो सुविधा दिलाई जानी चाहिए उन सुविधाओं को उपलब्ध कराया जाएगा।
हालांकि प्रधानाचार्य की तरफ से भी एक शिक्षक का वेतन यहां दिया जा रहा है। वह वाकई काबिले तारीफ है सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि सामाजिक लोगों को बढ़-चढ़कर प्राथमिक विद्यालयों में सुविधा मुहैया कराए जाने के लिए हिस्सा लेना चाहिए ताकि लोगों को अपने बच्चों की पढ़ाई कराने के लिए निजी स्कूल का सहारा ना लेना पड़े और इन प्राथमिक विद्यालयों में ही अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सकें।