आखिर अग्निशमन कर्मचारी हार्ट अटैक से भी किस तरह बचा सकते हैं लोगों की जान ,जाने खबर में विस्तार से

आखिर अग्निशमन  कर्मचारी हार्ट अटैक से भी किस तरह बचा सकते हैं लोगों की जान ,जाने खबर में विस्तार से

तेजेश चौहान तेजस

राष्ट्रीय सीपीआर दिवस के अवसर पर फायर स्टेशन वैशाली के मीटिंग हॉल मे एक कार्यशाला का आयोजन किया गय।इस दौरान अग्निशमन अधिकारी गाजियाबाद चीफ फायर ऑफिसर सुनील कुमार सिह ने अग्निशमन कर्मियो को सीपीआर के महत्व के बारे मे जानकारी देते हुए बताया कि अग्निशमन विभाग के कर्मियो द्वारा आकस्मिकता के समय बचाव एव रैस्क्यू कार्य किया जाता है। दुर्घटना मे घायल व अचेत हुये व्यक्तियो को तत्काल प्राथमिक उपचार के रूप मे फर्स्टएड के साथ-साथ सी.पी.आर प्रदान किये जाने की आवश्यकता होती है।


 इस दौरान कार्यशाला में अग्निशमन विभाग मे प्रशिक्षण ले रहे रिक्रूट फायरमैन व उपस्थित अन्य अग्निशमन कर्मियो को फर्स्टएड व सी.पी.आर. के महत्व उसकी आवश्यकता व उसको प्रदान किये जाने की महत्वपूर्ण जानकारी डा0 नीरज मिश्रा, डा0 वरूण सुमेश खन्ना , डा0 आनन्द प्रकाश मिश्रा ,डा0 नमित वार्ष्णेय मि0 ज्योतिश सैनी, मि0 अंकुश शर्मा ने दी।


उन्होंने बताया कि अचानक सांस या धड़कन रुकने पर सबसे तुरंत उस व्यक्ति के सीने को दबाना चाहिए। इससे सांस और धड़कन चलना शुरू हो जाती है। फिर वह व्यक्ति सामान्य हो जाता है। इस प्रक्रिया को अपनाने से लोगों की जान बचाई जा सकती है। राष्ट्रीय सीपीआर दिवस के अवसर पर एनआईएसी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक डॉ. नीरज मिश्रा ने बताया कि सीपीआर एक आपातकालीन स्थिति में प्रयोग की जाने वाली प्रक्रिया है। जो किसी व्यक्ति की धड़कन या सांस रुक जाने पर प्रयोग की जाती है। सीपीआर में बेहोश व्यक्ति को सांसें दी जाती हैं।

जिससे फेफड़ों को आक्सीजन मिलती है और सांस वापस आने तक या दिल की धड़कन सामान्य होने तक छाती को दबाया जाता है। इससे शरीर में पहले से मौजूद आक्सीजन वाला खून संचारित होता रहता है। हार्ट अटैक कार्डियक अरेस्ट डूबने दम घुटना और करंट लगने जैसी स्थितियों में सीपीआर की आवश्यकता हो सकती है। अगर व्यक्ति की सांस या धड़कन रुक गई है, तो जल्द से जल्द उसे सीपीआर दें। क्योंकि पर्याप्त आक्सीजन के बिना शरीर की कोशिकाएं बहुत जल्द खत्म होने लगती हैं। मस्तिष्क की कोशिकाएं कुछ ही मिनटों में खत्म होने लगती हैं। इससे गंभीर नुकसान या मौत भी हो सकती है। अध्ययनों से पता चलता है कि अगर अधिक लोगों को सीपीआर देना आ जाए तो कई जानें बचाई जा सकती हैं।


उन्होंने बताया कि हार्ट अटैक किसी भी समय आ जाता है। क्योंकि वर्तमान में जीवन शैली में बहुत ज्यादा बदलवा हो गया है। लोग खान पान में भी ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे हैं। किसी भी समय जो भी मिल रहा है उसका सेवन कर रहे हैं। इसके कारण स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। लोग बीमार पड़ रहे हैं। कमजोर स्वास्थ्य होने के कारण ज्यादातर लोगों को हार्ट अटैक आ रहा है। बच्चे से लेकर युवाओं को भी अटैक आ रहा है। इससे हर साल कई लोगों की मृत्यु हो रही है। यदि किसी व्यक्ति की सांस व धड़कन रुक जाती है तो तुरंत उसके सीने को दबाना चाहिए। इससे सांस वापस आ जाती है।