गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के मेवला भट्टी गांव में 500 लोग डेंगू से पीड़ित होने की खबर का जिला सर्विलांस अधिकारी ने किया खंडन।

गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के मेवला भट्टी गांव में 500 लोग डेंगू से पीड़ित होने की खबर का जिला सर्विलांस अधिकारी ने किया खंडन।
तेजेश चौहान, तेजस
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के मेवला भट्टी गांव में 500 लोग डेंगू से पीड़ित होने की खबर का जिला सर्विलांस अधिकारी ने किया खंडन।

गाजियाबाद में हिण्डन नदी के किनारे बसे गांव में हिण्डन नदी में जल स्तर बढ़ने के कारण बाढ़ आ गई थी। जिसके बाद जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था। लेकिन अब जनजीवन पटरी पर लौटा तो बीमारी ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। इस इलाके में बड़ी संख्या में छोटे बच्चे से लेकर बड़े तक बीमारी की चपेट में आने लगे। लेकिन इसे गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भी उन सभी इलाकों में फागिंग और डेंगू मलेरिया की जांच शुरू कर दी गई। उधर कुछ लोगों के द्वारा जानकारी दी गई। कि इस इलाके में करीब 500 से भी ज्यादा डेंगू के मरीज सामने आ चुके हैं। लेकिन इस पूरी खबर का स्वास्थ्य विभाग ने खंडन किया है।

इस पूरे मामले को लेकर जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जिन इलाकों में बाढ़ आई थी। उन इलाकों में खासतौर से फागिंग और अन्य कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। इतना ही नहीं उन्हें इलाकों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य की जांच भी लगातार की जा रही है। अभी तक मेवला भट्टी गांव में केवल 7 मरीजों में ही डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। जिनका उपचार जारी है। लेकिन कुछ लोगों के द्वारा पता चला कि उस इलाके में रहने वाले 500 लोगों को डेंगू होने की खबर बताई गई थी, जो पूरी तरह निराधार और पूरी तरह गलत है। उन्होंने बताया कि उस इलाके में रहने वाले लोगों को डेंगू मलेरिया के अलावा अन्य बीमारियों के प्रति भी सचेत किया जा रहा है और इससे किस तरह से बचा जाए इसकी भी जानकारी दी जा रही है और लगातार कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है।