हिंडन का जल स्तर बढ़ने से करहैड़ा गांव हुआ जलमग्न, प्रशासनिक अधिकारी राहत एवं बचाव कार्य में जुटे

हिंडन का जल स्तर बढ़ने से करहैड़ा गांव हुआ जलमग्न, प्रशासनिक अधिकारी राहत एवं बचाव कार्य में जुटे

तेजेश चौहान, तेजस

 दिल्ली से सटे गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र और साहिबाबाद इलाके में हिंडन नदी के किनारे बसे एक गांव में भी दिखाई दे रहा है। खास तौर से डूब क्षेत्र में बनाए गए मकानों में रह रहे लोग हिंडन नदी में एकाएक बाढ़ आने के बाद इलाके में हुए जलभराव के बाद बेहद परेशान हैं।हालांकि एनडीआरएफ की टीम और प्रशासनिक अधिकारी राहत एवं बचाव कार्य में रात और दिन जुटे हुए हैं। 

हिंडन नदी में अचानक ही जल का स्तर बढ़ा और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। जिसके कारण हिंडन नदी के कई गांव जलमग्न हो गये। फिलहाल साहिबाबाद इलाके के करहैड़ा गांव की स्थिति सबसे ज्यादा खराब नजर आ रही है। क्योंकि इस इलाके में नदी के किनारे यानी डूब क्षेत्र में बने मकानों में रह रहे लोग एकाएक बाढ़ आने से बेहद परेशान हैं।हालांकि इसकी जानकारी जैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों को मिली तो प्रशासनिक अधिकारी खुद मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

उधर एनडीआरएफ की टीम को भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए लगाया गया है। प्रशासनिक अधिकारी खुद ट्रैक्टर पर चढ़कर इस क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं और पानी के बीच में फंसे लोगों को बचाने में लगे हुए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा चुका है और अभी भी राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

अचानक कि जिस तरह से हिंडन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। उससे अंदाजा लगाया जा रहा है। कि अभी यहां की स्थिति और भी खराब हो सकती है। इसलिए डूब क्षेत्र के सभी मकानों में रह रहे सभी लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। इस इलाके में खुद एसडीएम विनय कुमार सिंह अपनी टीम के साथ देर रात से ही मौजूद हैं। वह खुद लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को उस इलाके से बाहर आने की अपील कर रहे हैं।

इसी गांव में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की तरफ से सिटी फॉरेस्ट वाटिका भी बनाई गई है।जिसमें कई तरह के दुर्लभ जाति के खरगोश, पक्षी मौजूद हैं। यहां लोग घूमने और शेयर करने आते हैं लेकिन जलभराव के बाद यहां की स्थिति बद से बदतर हो गई है।उधर अचानक हुए इस जलभराव के कारण इन पक्षियों और खरगोशों को भी अपना आशियाना छोड़ना पड़ रहा है।

यानी यहां पर मौजूद अधिकारी अब इन खरगोशों को डोनेट कर रहे हैं लोगों से अपील की जा रही है। कि जो लोग खरगोश पालने के शौकीन हैं। वह यहां आकर खरगोश ले सकते हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अभी तक 65 खरगोश लोगों को दिए जा चुके हैं।