सम्मेद शिखर पर्वत को जैनत्व की स्वतंत्रता की पहचान दिलाने के लिए जैन एकता मंच ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

सम्मेद शिखर पर्वत को जैनत्व की स्वतंत्रता की पहचान दिलाने के लिए जैन एकता मंच ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

गाजियाबाद----

*श्री सम्मेद शिखर पर्वत को जैनत्व की स्वतंत्रता की पहचान दिलाने हेतु जैन एकता मंच ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र*


जैन एकता मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय जैन ने बताया कि एकता मंच के अध्यक्ष श्री सतीश जैन द्वारा राष्ट्रपति को समग्र जैन धर्मावलम्बियों की आस्था का केंद्र बिंदु श्री सम्मेद शिखर पर्वत को जैनत्व की स्वतंत्रता पहचान दिलाने हेतु एक पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि वन विभाग झारखण्ड द्वारा पार्श्वनाथ पर्वत पर अभ्यारण की सूचना जारी की है।जैन एकता मंच इसको तुरंत निरस्त करने की माँग करती है।क्योंकि जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में से 20 तीर्थंकरों की कल्याण भूमि व अनंतामंत सिद्ध परमेष्टि का कोड़ा कोड़ी मुनियों की मोक्ष कल्याणक भूमि श्री सम्मेद शिखर जी समग्र जैन समाज के लिए पवित्रतम स्थल है। इस पर्वत का कण-कण पावन है और करोड़ों जैनों की पूज्यनीय व आस्था का केंद्र है। जिस क्षेत्र पर प्रत्येक प्राणी जाना अपना सौभाग्य समझता है। शास्त्रों में कहा गया है कि एक बार बन्दे जो कोई, ताहि नरक पशु गति नहीं कोई। इस क्षेत्र की पवित्रता बनाए  रखना हम सभी का दायित्व है। 
जैन एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश कुमार जैन व राष्ट्रीय प्रवक्ता ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि करोड़ों जैनों की भावना को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने जो अध्यादेश जारी किया है उसको तुरंत समाप्त किया जाए और श्री सम्मेद शिखर जी पर्वत को जैनत्व के संरक्षण हेतु स्वतंत्र पहचान दी जाए एवं श्री सम्मेद शिखर जी तीर्थ स्थल मधुबन को पवित्र तीर्थ स्थल घोषित किया जाए।