खेकड़ा में जुटे सर्वखाप चौधरियों ने किया कुरूतियों पर मंथन

खेकड़ा कस्बे में आयोजित सर्वखाप सम्मान समारोह में सामाजिक कुरूतियों पर मंथन किया गया। वक्ताओं ने नशा, दहेजप्रथा, ब्रहमभोज, दिखावा जैसे अनेक विषयों पर विचार रखे। कुरूतियों को समाज से दूर करने का प्रस्ताव पारित किया। कस्बे के शिक्षाविद उमेश शर्मा को ब्राहम्ण समाज सर्वखाप की पगडी पहना कर चौधरी घोषित किया गया।

खेकड़ा में जुटे सर्वखाप चौधरियों ने किया कुरूतियों पर मंथन

खेकड़ा में जुटे सर्वखाप चौधरियों ने किया कुरूतियों पर मंथन
- शिक्षाविद उमेश शर्मा को ब्राहमण समाज सर्वखाप की पहनाई पगड़ी
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
कस्बे में आयोजित सर्वखाप सम्मान समारोह में सामाजिक कुरूतियों पर मंथन किया गया। वक्ताओं ने नशा, दहेजप्रथा, ब्रहमभोज, दिखावा जैसे अनेक विषयों पर विचार रखे। कुरूतियों को समाज से दूर करने का प्रस्ताव पारित किया। कस्बे के शिक्षाविद उमेश शर्मा को ब्राहम्ण समाज सर्वखाप की पगडी पहना कर चौधरी घोषित किया गया।
कस्बे में रविवार को सर्वखाप चौधरियों का जमावड़ा रहा। खाप चौधरियों में अनेक वक्ताओं ने समाज में फैली कुरूतियों के खिलाफ अपने विचार रखे। भारतीय किसान युनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बालियान खाप के चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि सभी समाज के लोग मिलकर रहे, यही खाप पंचायतों का उददेश्य है। पहले खाप के निर्णय के चलते अनेक मामले कोर्ट कचहरी के बिना सुलझ जाते थे। कुरूतियों को दूर करने के लिए सभी अपने बच्चों पर ध्यान दे। हर तरह का नशा दुखदाई है, इससे दूर रहे। प्रमुख वक्ता किसान नेता युद्धवीर सिंह ने बताया कि राजा हर्षवर्धन ने खाप परम्परा को शुरू किया था। मुगलो, अंग्रेजों के खिलाफ खाप पंचायतों ने अनेक लडाईयां लडी। उनको अपने क्षेत्र के गांवों में घुसने नही दिया। बताया कि 1857 की लडाई में खाप पंचायतों का योगदान रहा। गदर के विफल होने पर अंग्रेजों ने खाप चौधरियों पर आत्याचार किए। खाप पर प्रतिबंध लगा दिया। जो देश के आजाद होने तक लगा रहा। आजादी के बाद पुन खाप पंचायतों को उदय होना शुरू हुआ। कहा कि खाप किसी एक जाति की नही, सर्वजातिय होती है। जो भारत के ग्रामीण समाज में पूर्वजों के दिए संस्कारों को प्रतिनिधित्व करती है और समाज को कराती है। समारोह में ब्राहमण, जाट, कश्यप आदि अनेक समाज के चौधरियों ने अपने विचार रखे। सर्वखाप चौधरियों ने मिलकर खेकड़ा ब्राहमण समाज के चौधरी के रूप में शिक्षाविद उमेश शर्मा को पगडी पहनाकर आशीर्वाद दिया। इसके अलावा राजेश शर्मा, ब्रजमोहन कौशिक, नरेन्द्र शर्मा बसी को थाम्बा चौधरी की पगडी पहनाई गई। सभी मिलकर समाज की जिम्मेदारी निभाने की शपथ ली। खेकड़ा समाज की ओर से सभी खाप चौधरियों को पगडी देकर सम्मानित किया गया। समारोह की अध्यक्षता कश्यप समाज के चौधरी बबली कश्यप ने की। संचालन डा. जगपाल सिंह तेवतिया ने किया।
वीरांगना नीरा आर्य की पुस्तक का हुआ विमोचन
समारोह में खेकड़ा की बेटी आजाद हिंद फौज में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की रानी झांसी रेजीमेंट की सैनिक नीरा आर्या की पुस्तक का विमोचन किया गया। नीरा आर्या- एक अदभुत वीरांगना के शीर्षक से पुस्तक का विमोचन नरेश टिकैत ने किया। लेखक प्रोफेसर मदन मोहन और साहित्यकार तेजपाल आर्य मौजूद रहे।
रागनी गायकों ने सुनाए पौराणिक किस्से
समारोह में यूपी हरियाणा के रागनी गायकों ने समां बांधा। उन्होने रामायण महाभारत के अलावा अनेक पौराणिक किस्से सुनाए। अतिथियों के आने तक लोगों को एक सूत्र में बांधे रखा।  
ये रहे मौजूद-
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बालियान खाप चौधरी नरेश टिकैत, किसान नेता युद्धवीर सिंह, नगरपालिका चेयरपर्सन नीलम धामा, प्रतिनिधि सुनील धामा, पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित, पुरा महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित जयभगवान शर्मा, जाट समाज जिलाध्यक्ष सोमेन्द्र ढाका, गन्ना समिति के कृष्णपाल सिंह चेयरमेन, जाट महासभा के पूर्व अध्यक्ष देवेन्द्र धामा, धामा खाप के चौधरी जितेन्द्र सिंह, भाकियू जिला प्रभारी विनोद कुमार, पूर्व चेयरमेन कॉपरेटिव बैंक समिति हरेन्द्र चौधरी, धनकड खाप के बिजेन्द्र चौधरी, दांघड खाप चौधरी श्याम सिंह, सर्वखाप मंत्री सुभाष बालियान, श्योराण खाप के परमेन्द्र आर्य, दांगड खाप के विनोद आर्य, उज्जवल खाप के गुलबीर सिंह, गठवाला खाप के खेकड़ा युवक मंच के अध्यक्ष अनुज कौशिक, निराकार ज्योति मंदिर जींद के महंत सुखबीर दास महाराज, बीजेपी नेता नीरज शर्मा, विकास धामा, नरेन्द्र शर्मा, राजेन्द्र यादव सभासद, पंकज शर्मा, संजय बक्शी, नरेन्द्र धामा, संजय धामा आदि।