खेकड़ा में सजे सुरों के स्वर, अमर संधू ने लोकगायिका रेणुका पंवार से की मुलाकात
संगीत की सरहदें जब मिलती हैं तो नई धुनें जन्म लेती हैं तो कुछ ऐसा ही नज़ारा खेकड़ा में देखने को मिला, जब अमेरिकी मूल के पंजाबी-हिंदी गायक, गीतकार, संगीतकार एवं निर्माता अमर संधु ने खेकड़ा निवासी प्रसिद्ध लोकगायिका रेणुका पंवार के आवास पर शिष्टाचार भेंट की।
खेकड़ा में सजे सुरों के स्वर, अमर संधू ने लोकगायिका रेणुका पंवार से की मुलाकात
खेकड़ा।
संगीत की सरहदें जब मिलती हैं तो नई धुनें जन्म लेती हैं तो कुछ ऐसा ही नज़ारा खेकड़ा में देखने को मिला, जब अमेरिकी मूल के पंजाबी-हिंदी गायक, गीतकार, संगीतकार एवं निर्माता अमर संधु ने खेकड़ा निवासी प्रसिद्ध लोकगायिका रेणुका पंवार के आवास पर शिष्टाचार भेंट की।
इस आत्मीय मुलाकात के दौरान दोनों कलाकारों ने संगीत के क्षेत्र में संभावित सहयोग, नई रचनात्मक योजनाओं और भारतीय लोकधुनों को वैश्विक मंच तक पहुँचाने की दिशा में विस्तार से चर्चा की। खासतौर पर हरियाणवी लोक संगीत और पंजाबी-अंग्रेज़ी फ्यूजन शैली के संगम को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। दोनों ने माना कि संगीत सांस्कृतिक विविधताओं को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है और इसे नई पीढ़ी तक आधुनिक अंदाज़ में पहुँचाया जाना चाहिए। अमर संधू अपनी विशिष्ट पंजाबी/अंग्रेज़ी फ्यूजन शैली के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं। वर्ष 2015 में जारी उनका चर्चित एल्बम न्यू ईरा युवाओं में बेहद लोकप्रिय रहा, जिसके गीतों ने वैश्विक संगीत जगत में अलग छाप छोड़ी। वहीं, रेणुका पंवार हरियाणवी लोकसंगीत की सशक्त आवाज़ हैं। उनका सुपरहिट गीत “52 गज का दामन” देशभर में अपार लोकप्रियता हासिल कर चुका है और आज भी श्रोताओं की पसंद में शामिल है। इस मुलाकात को खेकड़ा के लिए गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है। स्थानीय संगीत प्रेमियों को उम्मीद है कि यह संवाद भविष्य में किसी बड़े संगीत प्रोजेक्ट का रूप ले सकता है, जो भारतीय लोकधुनों और अंतरराष्ट्रीय फ्यूजन संगीत का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर खेकड़ा युवक मंच के अध्यक्ष अनुज कौशिक सहित विक्की व अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।