पूर्व सिचाई मंत्री डाक्टर मेहराजुदीन अहमद का निधन

प्रदेश सरकार में पूर्व सिचाई मंत्री डाक्टर मेहराजुदीन अहमद का बीमारी के चलते निधन हो गया। जिससे रटौल कस्बे मे शोक का माहौल हैं। कस्बे के दुकानदार भी बाजार बंद कर शोक मे शामिल हुए।

पूर्व सिचाई मंत्री डाक्टर मेहराजुदीन अहमद का निधन

पूर्व सिचाई मंत्री डाक्टर मेहराजुदीन अहमद का निधन
- रटौल कस्बे में छाया मातम
- रटौल का बाजार रहा बंद
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
प्रदेश सरकार में पूर्व सिचाई मंत्री डाक्टर मेहराजुदीन अहमद का बीमारी के चलते निधन हो गया। जिससे कस्बे मे शोक का माहौल हैं। कस्बे के दुकानदार भी बाजार बंद कर शोक मे शामिल हुए।
रटौल व मेरठ निवासी पूर्व सिचाई मंत्री डाक्टर मेहराजुदीन अहमद का बीमारी के चलते निधन हो गया। दो दिन पहले तबियत खराब होने पर उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल मे भर्ती कराया गया था। उनकी मौत का समाचार जैसे ही कस्बे के लोगो को पता चला। कस्बे मे शोक छा गया। दुकानदारों ने बाजार बंद कर शोक मनाया। बडी संख्या में लोग उनके आवास के लिए रवाना हो गए। कस्बावासियों ने बताया कि पूर्व सिचाई मंत्री डाक्टर मेहराजुदीन अहमद एक मिलनसार व्यक्ति थे। छोटा हो या बड़ा जो भी उनके पास समस्या लेकर पहुंचा, उसका समाधान उन्होंने कराया। उनका असमय चले जाना कस्बे के लोगो क्षति हुई है।
पूर्व सिचाई मंत्री का राजनीतिक सफर
डा. मेराजुद्दीन ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से ही की थी। वे ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के कई वर्षों तक सदस्य रहे। उन्होंने वर्ष 1983 में कांग्रेस से सरधना विधानसभा से चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। बाद में उन्होंने 1998 और 1999 में समाजवादी पार्टी से बागपत लोकसभा से चुनाव लड़ा। वे जीत तो नहीं पाए लेकिन उनके चुनाव लड़ने से चौ. अजित सिंह को हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2002 में उन्होंने सपा छोड़कर रालोद का दामन थाम लिया। रालोद में आते ही उन्हें वर्ष 2003 में निर्यात निगम का चेयरमैन बना दिया गया। बाद में रालोद से ही प्रदेश के बाढ़ एवं सिंचाई मंत्री बने। छह माह तक वे कैबिनेट मंत्री रहे। अभी वे रालोद के राष्ट्रीय महामंत्री थे। लेकिन रालोद और भाजपा का गठबंधन होते ही उन्होंने पार्टी से त्याग पत्र दे दिया था और काग्रेस पार्टी मैशामिल हो गए थे।