मेट्रो गार्ड पंकज धामा हत्याकांड- आरोपियों को जमानत मिलने पर खेकड़ा में फूटा गुस्सा, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
दिल्ली मेट्रो में गार्ड के पद पर कार्यरत खेकड़ा निवासी पंकज धामा की हत्या के आरोपियों को गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद जमानत मिल जाने से कस्बे में भारी आक्रोश फैल गया है। स्थानीय लोगों ने इसे पुलिस की कमजोर विवेचना और लापरवाही का नतीजा बताते हुए न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। सोमवार को दर्जनों लोग मृतक के परिजनों के साथ दिल्ली पहुंचकर मामले के विवेचक से मिले और कड़ी नाराजगी जाहिर की।
मेट्रो गार्ड पंकज धामा हत्याकांड- आरोपियों को जमानत मिलने पर खेकड़ा में फूटा गुस्सा, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
दिल्ली मेट्रो में गार्ड के पद पर कार्यरत खेकड़ा निवासी पंकज धामा की हत्या के आरोपियों को गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद जमानत मिल जाने से कस्बे में भारी आक्रोश फैल गया है। स्थानीय लोगों ने इसे पुलिस की कमजोर विवेचना और लापरवाही का नतीजा बताते हुए न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। सोमवार को दर्जनों लोग मृतक के परिजनों के साथ दिल्ली पहुंचकर मामले के विवेचक से मिले और कड़ी नाराजगी जाहिर की।
खेकड़ा निवासी पंकज धामा, पुत्र राजेंद्र धामा, दिल्ली मेट्रो में गार्ड के रूप में कार्यरत थे। 20 जून की सुबह इंद्रप्रस्थ स्टेशन पर रात्रि ड्यूटी पूरी करने के बाद वह घर लौटने के लिए शाहदरा रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। आरोप है कि वहां कुछ युवकों ने उन पर हमला कर बेरहमी से पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी योगा एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर फरार हो गए थे, जिन्हें बाद में मुजफ्फरनगर में रेलवे पुलिस ने पकड़ लिया था। बताया गया कि पुलिस ने पकड़े गए आठ आरोपियों में से तीन को निर्दाेष बताते हुए थाने से ही छोड़ दिया, जबकि बाकी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में कार्रवाई कर अदालत में पेश किया गया। इनमें दो आरोपियों को नाबालिग मानते हुए बाल सुधार गृह भेजा गया, जबकि तीन अन्य आरोपियों कृ आकाश, प्रिंस और सागर कृ को तुरंत जमानत मिल गई। जैसे ही आरोपियों को जमानत मिलने की खबर खेकड़ा पहुंची, कस्बे में रोष की लहर दौड़ गई। सोमवार सुबह करीब 30 लोग मृतक के पिता राजेंद्र धामा के साथ दिल्ली पहुंचे और मामले के विवेचक से मुलाकात की। लोगों ने सवाल उठाया कि घटना का वीडियो सामने आने और मौके पर पुलिसकर्मी मौजूद होने के बावजूद हत्या का मुकदमा दर्ज करने के बजाय गैर इरादतन हत्या की धारा क्यों लगाई गई। उनका कहना है कि पुलिस की ढीली कार्रवाई के कारण ही आरोपियों को इतनी जल्दी राहत मिल गई। कस्बावासियों ने मामले को हत्या की धारा में परिवर्तित कर दोबारा सख्त कार्रवाई की मांग की।
विधायक योगेश धामा पहुंचे परिजनों के बीच, न्याय दिलाने का दिया भरोसा
सोमवार को क्षेत्रीय विधायक योगेश धामा भी मृतक पंकज धामा के आवास पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी। इस दौरान पंकज के पिता राजेंद्र धामा ने विधायक को पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पंकज बेहद शांत स्वभाव का युवक था और उसका कभी किसी से विवाद नहीं हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना रेलवे पुलिसकर्मी की मौजूदगी में हुई, लेकिन परिवार की तहरीर लेने के बजाय पुलिस ने कांस्टेबल की रिपोर्ट पर हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। इतना ही नहीं, पकड़े गए कुछ आरोपियों को बिना पर्याप्त जांच के छोड़ दिया गया और बाकी आरोपियों को 24 घंटे के भीतर जमानत मिल गई। विधायक योगेश धामा ने परिवार को भरोसा दिलाया कि मामले में निष्पक्ष और न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए वह हर संभव प्रयास करेंगे। वहीं कस्बे के लोगों ने साफ कहा है कि जब तक पंकज धामा को न्याय नहीं मिलेगा, उनका विरोध जारी रहेगा।