आंखों की जटिल बीमारियों के इलाज में वरदान बन रही नेत्र प्लास्टिक सर्जरी, एडीके जैन अस्पताल में जुटे देशभर के विशेषज्ञ
खेकड़ा स्थित एडीके जैन आई हॉस्पिटल रविवार को देश के नामचीन नेत्र रोग विशेषज्ञों का केंद्र बना, जहां आयोजित ऑकुलोप्लास्टी सीएमई एवं वर्कशॉप में आंखों की जटिल बीमारियों के आधुनिक उपचार और नई चिकित्सा तकनीकों पर गहन चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि नेत्र प्लास्टिक सर्जरी आज आंखों के आसपास होने वाली कई गंभीर समस्याओं के इलाज में बेहद प्रभावी और सुरक्षित विकल्प बनकर उभर रही है।
आंखों की जटिल बीमारियों के इलाज में वरदान बन रही नेत्र प्लास्टिक सर्जरी, एडीके जैन अस्पताल में जुटे देशभर के विशेषज्ञ
- आधुनिक तकनीकों पर मंथन, विशेषज्ञों ने साझा किए सफल उपचार के नए आयाम
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
खेकड़ा स्थित एडीके जैन आई हॉस्पिटल रविवार को देश के नामचीन नेत्र रोग विशेषज्ञों का केंद्र बना, जहां आयोजित ऑकुलोप्लास्टी सीएमई एवं वर्कशॉप में आंखों की जटिल बीमारियों के आधुनिक उपचार और नई चिकित्सा तकनीकों पर गहन चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि नेत्र प्लास्टिक सर्जरी आज आंखों के आसपास होने वाली कई गंभीर समस्याओं के इलाज में बेहद प्रभावी और सुरक्षित विकल्प बनकर उभर रही है।
कार्यक्रम का शुभारंभ अस्पताल की सीईओ डॉ. रूमा गुप्ता ने किया। उन्होंने सभी अतिथि विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए कहा कि छोटे शहरों में इस तरह के उच्चस्तरीय चिकित्सा आयोजन स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने का काम करते हैं। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि ऑकुलोप्लास्टी, नेत्र विज्ञान की वह उन्नत शाखा है जिसके माध्यम से पलकों, आंसू नलिकाओं, आई सॉकेट और आंखों के आसपास की अन्य जटिल संरचनाओं से जुड़ी समस्याओं का उपचार किया जाता है। यह तकनीक केवल बीमारियों के इलाज तक सीमित नहीं, बल्कि सौंदर्य सुधार और आंखों की कार्यक्षमता बेहतर बनाने में भी बेहद कारगर साबित हो रही है। विशेषज्ञों ने जानकारी दी कि झुकी हुई पलकों को सामान्य बनाना, बंद या क्षतिग्रस्त आंसू नलिकाओं का उपचार, आंख के सॉकेट में विकसित ट्यूमर निकालना, दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करना और उम्र बढ़ने के साथ आंखों के आसपास ढीली पड़ चुकी त्वचा को आधुनिक प्रक्रियाओं से ठीक करना अब सफलतापूर्वक संभव है। कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से पहुंचे विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपने अनुभव साझा किए और चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नए शोध व तकनीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सफदरजंग अस्पताल दिल्ली के डॉ. अनुज मेहता, सुभारती मेडिकल कॉलेज मेरठ के डॉ. संजीव कुमार, आरएमएल दिल्ली के डॉ. अशोक पाठक, वीएमसीसी दिल्ली के डॉ. अनुराग नरूला, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की डॉ. शिप्रा सिंह, आरएमएल अस्पताल की डॉ. भवनीत कौर सहित अस्पताल के जीएम मारुति मचानी मौजूद रहे। इस आयोजन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि चिकित्सा विज्ञान में तेजी से हो रही प्रगति के दौर में अब आंखों से जुड़ी गंभीर और जटिल समस्याओं का भी अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए बेहतर, सुरक्षित और सफल उपचार संभव हो चुका है।


