नोएडा एक्सप्रेस-वे की घटेगी रफ्तार, 80 किमी प्रति घंटा करने की तैयारी में प्राधिकरण
शहर की सभी सड़कों पर घटेगी एक्सप्रेस-वे की रफ्तार
विनय जोशी नोएडा
शहर में पिछले कुछ सालों से लगातार बढ़ रहे सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से अब यातायात पुलिस के साथ ही नोएडा प्राधिकरण पर एक्शन लेने जा रहा है। इसी के तहत नोएडा प्राधिकरण वाहनों की गति सीमा को कम करने की तैयारी कर रहा है। इसका एक प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव को जल्द ही नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश के समक्ष रखा जाएगा। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद शहर की विभिन्न सड़कों की नई स्पीड लिमिट लागू कर दी जाएगी।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर मौजूदा समय में 100 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम गति सीमा नोएडा प्राधिकरण की तरफ से प्रस्तावित है। अब इस गति सीमा को घटाकर 80 किलोमीटर प्रति घंटा किया जाएगा। वहीं, शहर की प्रमुख सड़कों जैसे मास्टर प्लान रोड नंबर-1, मास्टर प्लान रोड नंबर-2, मास्टर प्लान रोड नंबर-3 और दादरी-सूरजपुर-छलेरा (डीएससी) रोड पर भी स्पीड लिमिट कम करने की तैयारी है। इन सभी सड़कों पर वाहनों की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा से घटाकर 60 किलोमीटर प्रति घंटा करने की तैयारी चल रही है।
सेक्टरों के भीतर भी होंगे सख्त नियम
सेक्टरों के भीतर स्थित आंतरिक सड़कों पर भी वाहनों की गति सीमित की जाएगी। यहां 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक वाहन चलाने की अनुमति है। लेकिन, प्रस्ताव के तहत अब इसे घटाकर 40 किलोमीटर प्रति घंटा किया जाएगा। नई स्पीड लिमिट लागू होने से शहर में लगे इंटीग्रेटेड स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के कैमरों को भी उसी के तहत अपडेट किया जाएगा। निर्धारित सीमा से अधिक रफ्तार पर वाहन चलाने वालों के खिलाफ खुद चालान की कार्रवाई की जाएगी।
मॉडल रोड बनाने की भी तैयारी
नोएडा प्राधिकरण शहर की कुछ प्रमुख सड़कों को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम कर रहा है। इन सड़कों पर स्मार्ट बस स्टैंड, वाई-फाई सुविधा, स्मार्ट बेंच, टैक्सी स्टैंड और अंडरग्राउंड डस्टबिन जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त रहेगा। इसका उद्देश्य लोगों को बेहतर और स्मार्ट शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मास्टर प्लान रोड नंबर-1 को सिग्नल फ्री बनाने का कार्य भी काफी तेजी से किया जा रहा है। प्राधिकरण का लक्ष्य इस परियोजना को सितंबर 2026 तक पूरा करने का है। हालांकि, चौड़ा मोड़ को सिग्नल फ्री बनाने के प्रस्ताव पर यातायात पुलिस की तरफ से कुछ आपत्तियां दर्ज की गई है। जिसके बाद दोबारा सर्वे कराया जाएगा।
सड़क सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
स्पीड लिमिट कम होने से सड़क हादसों में कमी आएगी और ट्रैफिक व्यवस्था काफी ज्यादा सुरक्षित होगी। एक्सप्रेस-वे और व्यस्त मार्गों पर यह फैसला वाहन चालकों और आम लोगों की सुरक्षा के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।