महज ढाई साल की उम्र में बुक ऑफ इंडिया रिकॉर्ड में दर्ज हुआ मासूम बच्चे का नाम

महज ढाई साल की उम्र में बुक ऑफ इंडिया रिकॉर्ड में दर्ज हुआ मासूम बच्चे का नाम
तेजेश चौहान, गाजियाबाद

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के कौशांबी क्षेत्र में रहने वाले महज ढाई वर्षीय एक बच्चे का नाम बुक ऑफ इंडिया में दर्ज हुआ है। बुक ऑफ इंडिया में नाम दर्ज होने वजह आप जानेंगे तो खुद हैरान रह जाएंगे।क्योंकि इस बच्चे ने महज ढाई साल की उम्र के शजीत नाम के इस बच्चे ने केवल 3 मिनट 17 सेकंड में ही मानव शरीर की सभी हड्डियों को पहचानते हुए उनके नाम तक भी बता देता है। जिसके करण बच्चे का नाम बुक ऑफ इंडिया में दर्ज हो चुका है। जबकि इससे पहले कौटिल्य नाम का एक बालक अपनी याददाश्त और जानकारियों के चलते देश भर में मशहूर हुआ था। 

सभी हैरान कर देने वाले इस ढाई वर्षीय शजीत की मां ईशिका पेशे से डेंटिस्ट है। उन्होंने ही अपने बेटे को मानव शरीर के विभिन्न हड्डियों की जानकारी दी थी। बच्चे की याददाश्त इतनी तेज है। कि उसने माँ के द्वारा दी गई मानव शरीर की हड्डियों की जानकारी के बारे में बखूबी ढंग से समझ  लिया इतना ही नहीं कम समय में ही उनके बारे में बोलने का भी अभ्यास कर लिया और यानी उसने जब सुनाया तो महज 3 मिनट 17 सेकेंड के अंदर मानव शरीर की सभी हड्डियों के बारे में जानकारी दे डाली। इस दौरान सजीत की मां ईशिका ने अपने बेटे का यह वीडियो बनाकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की साइट पर अगस्त के पहले सप्ताह में अपलोड कर दी। जिसका परिणाम यह निकला कि बच्चे का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो गया। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने के बाद पूरे परिवार में बेहद खुशहाली छाई हुई है और अब अगला टारगेट भी उन्होंने बना लिया है।

शजीत की मां इशिका गुप्ता ने बताया कि  उनके बेटे की याददाश्त बहुत अच्छी है। उसे जो भी पढ़ाया जाता है।वह उसे पूरी तरह से याद कर लेता है। इतना ही नहीं वह भारत समेत अन्य कई देशों के बताने के साथ साथ वह राजधानी के नाम सहित संस्कृत के कठिन से कठिन मंत्रों को भी बड़ी आसानी से बोल लेता है। ठीक इसी तरह उसे मानव शरीर की हड्डियों की जानकारी जी बखूबी ढंग से हो चुकी है। उन्होंने बताया कि जिस तरह से उनके बच्चे का देशभर में नाम हो गया है। इससे पूरा परिवार बेहद खुश है और अब वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की प्रतिष्ठित गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है। इशिका का विश्वास है कि निश्चित तौर पर उनके बेटे ने जिस तरह से बुक ऑफ इंडिया में रिकॉर्ड दर्ज कराया है ठीक उसी तरह गिनीज बुक ऑफ इंडिया बुक में भी शजीत का नाम दर्ज होगा।