साधारण परिवार के बेटे ने पहली बार ही इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस सिविल(IES) की परीक्षा उत्तीर्ण कर 104 वीं रैंक की हासिल

गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार में रहने वाले एक गवर्नमेंट कांट्रेक्टर के पुत्र ने इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस आईईएस 2022 सिविल की परीक्षा पास करते हुए 104 वीं रैंक हासिल की है जैसे ही इसकी जानकारी उनके परिवार और रिश्तेदारों को मिली तो बधाई देने वालों का तांता लग गया।

साधारण परिवार के बेटे ने पहली बार ही इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस सिविल(IES) की परीक्षा उत्तीर्ण कर 104 वीं रैंक की हासिल

दिल्ली से सटे गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार में रहने वाले एक गवर्नमेंट कांट्रेक्टर के पुत्र ने इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस आई ई एस 2022 सिविल की परीक्षा पास करते हुए 104 वीं रैंक हासिल की है।जैसे ही इसकी जानकारी उनके परिवार और रिश्तेदारों को मिली तो बधाई देने वालों का तांता लग गया।

गवर्नमेंट कांट्रैक्टर ब्रह्मसिंह सिंह ने बताया कि वह मूल रूप से जिला बुलंदशहर की तहसील स्याना क्षेत्र के रहने वाले हैं और बेहद साधारण परिवार से हैं।वह 1993 -94 में बच्चों की पढ़ाई की खातिर गाजियाबाद आ गए थे। फिलहाल वह अपने दो बेटों अभी कुमार और पुनीत कुमार व अपनी पत्नी विजय कुमारी के साथ परिवार के साथ प्रताप विहार इलाके के सिद्धार्थ विहार के 7 ए -66 में रहते हैं और वह खुद गवर्नमेंट कांट्रेक्टर है। उनके बड़े बेटे पुनीत कुमार ने रियान इंटरनेशनल स्कूल गाजियाबाद से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की।उसके बाद एनआईटी जालंधर पंजाब से सिविल में 2021 में बी टेक की पढ़ाई की।जिसके बाद पुनीत ने इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस (IES) सिविल की परीक्षा दी।जिसका परिणाम आया तो पुनीत ने इस परीक्षा में 104 वीं रैंक हासिल करते हुए पहली बार में ही (IES) की परीक्षा पास कर ली है।
उधर 24 वर्षीय नवनियुक्त इंजीनियर पुनीत कुमार ने बताया कि उनके पिता साधारण गवर्नमेंट कांट्रेक्टर हैं। उनके पिता और उनका यही सपना था कि वह 1 दिन एक अच्छे अधिकारी के रूप में सरकारी नौकरी करना चाहते हैं। पिता की उम्मीदों के मुताबिक पुनीत कुमार ने अपने मुकाम को हासिल करने के लिए रात और दिन पढ़ाई करना शुरू कर दिया। पुनीत ने बताया कि पढ़ाई के अलावा वह केवल क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। पुलिस का कहना है कि जिस तरह से उन्होंने अपनी पढ़ाई की और पूरे विश्वास के साथ पहली बार में ही आईईएस सिविल की परीक्षा पास करते हुए 104 वी रैंक हासिल की है। पुनीत का कहना है कि जैसे ही इस परीक्षा का परिणाम उनके सामने आया तो उन्हें और उनके परिवार को बेहद खुशी हुई और उनका आत्मविश्वास और भी बढ़ गया है। पुनीत ने बताया कि उन्होंने अभी तक इसके लिए कहीं भी कोई कोचिंग नहीं की है।
जैसे ही पुनीत की इस कामयाबी की खबर पुनीत के रिश्तेदारों और उनके पिता के मित्रों को मिली तो पुनीत को बधाई देने वालों का तांता लग गया। इसके अलावा अपने बेटे की इस बड़ी कामयाबी को हासिल करने के बाद ब्रह्म सिंह को अपने बेटे पर बड़ा गर्व महसूस हो रहा है।