धर्म की रक्षा के लिए श्रीराम और श्रीकृष्ण ने लिया अवतार- पँ. संजीव शर्मा
भागवत कथा में श्रीराम और श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाई, झांकी भी सजाई

धर्म की रक्षा के लिए श्रीराम और श्रीकृष्ण ने लिया अवतार- पँ. संजीव शर्मा
-भागवत कथा में श्रीराम और श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाई, झांकी भी सजाई
गाजियाबाद। राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव सोसाइटी में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की कथा का प्रसंग श्रद्धालुओं ने अपार श्रद्धा के साथ सुना। चौथे दिन भागवत कथा में मुख्य यजमान के रूप के डॉ सत्य प्रकाश गोस्वामी ने श्रीमद्भागवत की आरती की। भागवत कथा के चौथे दिन पण्डित संजीव शर्मा ने कहा कि वास्तविक सुख श्रीकृष्ण की आराधना में है भौतिक संसाधनों में नहीं। इसलिए हमें ईश्वर भक्ति करनी चाहिए। जिसका जन्म हुआ है उसकी मृत्यु निश्चित है। इसलिए जीवन को जीना सीखो। कथा सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शनिवार को राम व कृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाया गया। कथावाचक पण्डित संजीव शर्मा ने बताया कि कंस के अत्याचारों से त्रस्त मथुरा वासियों की पुकार सुनकर देवकी के आठवें पुत्र के रूप में कृष्ण ने अवतार लिया।
कृष्ण ने कंस को मारकर माता-पिता को कारागार से मुक्त कराया और नाना को मथुरा के सिंहासन सौंप दिया। राम जन्म का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि राम विष्णु भगवान के सातवें अवतार थे। कथा में केवट प्रसंग, भरत मिलन, मारीच वध, सुग्रीव व राम की मित्रता आदि का वर्णन भी किया। कथा के दौरान योगीराज भगवान कृष्ण के जन्म की झांकी भी निकाली गई। पालने में बैठे बाल कृष्ण को महिलाओं ने झूला झुलाया और चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर पूरा भावगत स्थल नन्द के आनन्द भयो जय कन्हैयालाल की जयघोषों से गूंज उठा। चौथे दिन की कथा के समापन पर भक्तों ने मिलकर आरती की और इसके बाद प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।