सावन के पहले सोमवार को दूधेश्वर नाथ मंदिर में शिव भक्तों का उमड़ा सैलाब ,सुरक्षा की दृष्टि से 150 पुलिसकर्मी तैनात ,मंदिर परिसर और आसपास लगे 46 सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से की जा रही निगरानी

सावन के पहले सोमवार को दूधेश्वर नाथ मंदिर में शिव भक्तों का उमड़ा सैलाब ,सुरक्षा की दृष्टि से 150 पुलिसकर्मी तैनात ,मंदिर परिसर और आसपास लगे 46 सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से की जा रही निगरानी

तेजेश चौहान तेजस

आज सावन का पहला सोमवार है।हिंदू धर्म में सावन के सोमवार को शिवलिंग पर जलाभिषेक करने का बड़ा महत्व माना गया है।इसी कड़ी में गाजियाबाद स्थित भगवान दूधेश्वर नाथ मंदिर में भी देर रात से ही शिव भक्तों की लंबी कतार लगी हुई है।हर शिव भक्त अपनी बारी का इंतजार कर रहा है।इस बार हर सालों का काम ले अधिक भीड़ जुटी हुई है। इसका कारण यह भी माना जा रहा है कि 2 साल के अंतराल के बाद शिव भक्तों को भोलेनाथ पर जलाभिषेक करने का और मंदिर परिसर में पूजा अर्चना करने का अवसर प्राप्त हुआ है।बच्चे बूढ़े और महिलाओं सहित सभी शिव भक्तों में खासा उत्साह नजर आ रहा है। वहीं दूसरी तरफ गाजियाबाद पुलिस की तरफ से भी मंदिर परिसर और उसके आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।मंदिर परिसर में और उसके आसपास करीब 150 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।हर व्यक्ति पर पैनी नजर रखने के उद्देश्य से मंदिर परिसर में 16 सीसीटीवी कैमरे और मंदिर परिसर के आसपास 26 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।जिनके माध्यम से हर शख्स पर पैनी नजर रखी जा रही है।


एसपी सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल ने बताया कि गाजियाबाद स्थित भगवान दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर में सबसे ज्यादा भीड़ रहती है खासतौर से सावन के सोमवार और शिवरात्रि पर बड़ी संख्या में शिवभक्त मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक करते हैं इस बार 2 साल के अंतराल के बाद सावन के सोमवार को पहले के मुकाबले अधिक शिव भक्तों के पहुंचने की संभावना है इसलिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में 16 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं इसके अलावा मंदिर के आसपास भी 26 यानी कुल 26 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर और उसके आसपास करीब 150 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है इसके अलावा सिविल डिफेंस और स्वयं सेवकों को भी तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि इस बार मंदिर के आसपास निगरानी रखने के लिए ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की जा रही है।

इसके लिए बाकायदा एक कंट्रोल रूम भी तैयार किया गया है।जहां से मंदिर परिसर और मंदिर के आसपास वाले इलाके में भी निगरानी की जा सके।