तेजेश चौहान ,तेजस
गाजियाबाद

देश भर में आज शिवरात्रि का पर्व बड़े धूमधम से मनाया जा रहा है।बड़ी संख्या में शिव भक्त शिवालयों में भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक कर रहे हैं।

जिसके चलते गाजियाबाद के प्रसिद्ध भगवान दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर में भी देर रात से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है।हर कोई भक्त भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक करने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहा है।

मंदिर को खास तरह से सजाया गया है शिव भक्तों को किसी तरह की कोई परेशानी ना हो इसका भी विशेष ध्यान रखा गया है ।रात से ही भक्तों की लंबी कतार लगी हुई है। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं।इतना ही नहीं शिवरात्रि के पर्व को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद कमिश्नरेट यातायात पुलिस ने रूट डायवर्जन किया हुआ है।

शिव भक्तों ने शुक्रवार को त्रयोदशी का जल चढ़ाया और देर रात 12:00 बजे से ही शिव चौदस का जल चढ़ना शुरू हो गया है और पूरा इलाका भगवान भोलेनाथ के जयकारों से गूंज रहा है सभी शिवभक्त बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं।
मंदिर के महंत एवं जूना अखाड़े के राष्ट्रीय प्रवक्ता महामंडलेश्वर महंत नारायणगिरी महाराज ने बताया कि भगवान दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर में त्रयोदशी का जल शुक्रवार को चढ़ाया गया था और देर रात से ही चौदस का जल चढ़ना शुरू हो गया। उन्होंने बताया कि भगवान दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर में बड़ी संख्या में शिवभक्त जलाभिषेक करने पहुंच रहे हैं यदि सुरक्षा की बात की जाए तो मंदिर परिसर में हर एंगल पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं जिनके माध्यम से हर किसी शख्स पर पैनी नजर रखी जा रही है।
इसके अलावा पुलिस के जवान पूरी तरह से मुस्तैद है। उन्होंने बताया कि शिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।इसलिए हर एंगल से सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।मंदिर समिति के सदस्य भी व्यवस्था बनाने में लगे हुए हैं। कई दिन पहले से शिवरात्रि के पर्व को शांतिपूर्वक बनाए जाने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई थी।
महंत नारायण गिरी जी महाराज ने बताया कि इस बार महाशिवरात्रि के दिन शनि प्रदोष व्रत भी है।लेकिन बड़ी बात यह है कि अबकी बार महाशिवरात्रि पर 3 ग्रहों का मिलन हो रहा है।जिनमें शुभ संयोग के साथ ही कुंभ राशि में शनि सूर्य और चंद्रमा एक साथ होकर त्रिग्रही योग बन रहा है। जो बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
उन्होंने बताया कि त्रिग्रही योग में भगवान भोलेनाथ की आराधना करना और भगवान भोलेनाथ पर जल चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है क्योंकि भगवान भोलेनाथ इस योग में पूजा करने वाले शिव भक्तों पर असीम कृपा करते हैं। महंत नारायणगिरी महाराज ने बताया कि इस बार शिव भक्तों की संख्या ज्यादा है और लाखों की संख्या में शिव शिव भक्तों के पहुंचने की संभावना है
भगवान दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए शिवभक्त दूरदराज से भी पहुंच रहे हैं उन्होंने बताया कि इस मंदिर की बड़ी मान्यता है यह मंदिर करीब 5000 साल पहले उनके पिता के द्वारा स्थापित किया गया था लेकिन इसका पता उस वक्त चला जब इस इलाके में करीब 569 साल पहले गाय चलने आती थी और एक ही स्थान पर दूध निकलना शुरू हो जाता था।
इसकी खोज की गई तो भगवान भोलेनाथ प्रकट हुए और इस मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया।उन्होंने बताया कि इस मंदिर में जो भी शिव भक्त अपनी मनोकामना लेकर आता है और भगवान भोलेनाथ की आराधना करता है।तो भगवान भोलेनाथ उस भक्तों पर असीम कृपा करते हुए उसकी सभी मनोकामना पूरी करते हैं।