प्रिंसिपल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बताया बेबुनियाद

तेजस न्यूज संवाददाता
सर्वोदय स्कूल की प्रभारी प्रिंसिपल ने उन पर आउटसोर्स एजेंसी द्वारा नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटर की तरफ से लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। इतना ही नहीं पुलिस के साथ भी मिली भगत कर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया गया है।
पूरे मामले की जानकारी देते हुए पीड़िता और सुनीता की अधिवक्ता प्राची शर्मा ने बताया कि मसूरी थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रभारी प्रिंसिपल पूनम कुशवाहा जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय मे दिनांक 22 अगस्त 2019 लोक सेवा आयोग द्वारा हिंदी प्रवक्ता के पद पर चयनित की गई थी। पूनम कुशवाहा वर्तमान में कॉलेज में निवास कर प्रभारी प्रिंसिपल के दायित्व का निर्वाह कर रही है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित यह विद्यालय अध्यापिकाओं एवं कर्मचारियों के अभाव से गुजर रहा है। पूनम कुशवाहा द्वारा विद्यालय की व्यवस्था जैसे तैसे संभाली जा रही है। 2022 से ही पूनम कुशवाहा विद्यालय में सुव्यवस्था स्थापित करने हेतु,विभिन्न कठिनाइयों से गुजर रही है। जिसके लिए इन्होंने अपने विभाग को कई बार प्रार्थना पत्र लिखकर सूचित किया है।
अधिवक्ता ने बताया कि विद्यालय में ही आउटसोर्स/ एजेंसी द्वारा रखी गई कंप्यूटर ऑपरेटर अंशिका व वह छात्राओं के हॉस्टल की वार्डन प्रेरणा द्वारा विद्यालय में लगातार को व्यवस्था बनाई जा रही है। जिसके लिए प्रिंसिपल कुशवाहा ने अंशिका एवं प्रेरणा को कई बार समझाने की कोशिश की,परंतु उनके ना समझना पर समाज कल्याण विभाग को इस बात की सूचना लिखित तौर पर दे दी। जिसका बदला निकालने के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर अंशिका व हॉस्टल वार्डन प्रेरणा ने प्रभारी प्रिंसिपल पूनम कुशवाहा के खिलाफ षड्यंत्र रच पुलिस के साथ मिल उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया। कंप्यूटर ऑपरेटर अंशिका विद्यालय में बाहर से गुंडे टपके के लड़कों को लेकर आती है,बलात्कारी करती है,जिसमें वार्डन प्रेरणा एवं हॉस्टल की कई छात्राओं को भी सन लिप्त करती है। जिस विद्यालय की मार मत ज्यादा का मर्दन हो रहा है,एवं छात्राओं पर बुरा असर पड़ रहा है।
अधिवक्ता का कहना है कि कंप्यूटर ऑपरेटर अंशिका कभी भी विद्यालय पर समय पर ना आई थी ना जाती थी ना ही अपना कंप्यूटर क्षेत्र का काम ही करती थी व विद्यालय में कार्य के समय समय फोन चलाती रहती हैं, जिसकी वजह से पूनम कुशवाहा को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था वही वार्डन प्रेरणा छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था हेतु नियुक्त की गई है,जबकि लगभग डेढ़ साल से प्रेरणा 1 दिन भी छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था हेतुविद्यालय में नहीं रुकी,प्रिंसिपल पूनम कुशवाहा के कहने पर भी प्रेरणा ने बात नहीं मानी और विभाग को सूचित करने पर 4 मार्च 2023 को के दिन साजिश कर प्रिंसिपल को पूनम कुशवाहा के विरुद्ध झूठी वीडियो तैयार कर उसे वायरल किया,पुलिस को दे झूठा मुकदमा दर्ज कराया । वीडियो में प्रिंसिपल अपने कक्ष से जाती हुई दिखाई नहीं दे रही हैं,अंशिका के कस्टमर में बात करने गई ऑपरेटर अंशिका ने ने बुरी तरह मारा प्रिंसिपल पूनम कुशवाहा ने भी केवल अपने बचाव की कोशिश की । आपकी इसके बाद की वीडियो नहीं दिखाई गई,जहां पर उसके बाद प्रिंसिपल कुशवाहा को ऑपरेटर अंशिका और प्रेरणा ने मिलकर लहूलुहान कर दिया । जिसकी मेडिकल रिपोर्ट भी,प्रिंसिपल पूनम कुशवाहा के पास है। मामला केवल इतना ही था विद्यालय मेंबोर्ड की परीक्षा चल रही है,कई कक्षाओं में विद्यार्थी अध्यापिकाओं के बगैर ही थे पूनम कुशवाहा ने कंप्यूटर ऑपरेटर अंशिका को छात्रों की कक्षा को संभालने का कार्य दिया। ऑपरेटर अंशिका ने साफ से इनकार कर दिया,प्रिंसिपल के कई बार फोन करने के बाद भी उत्तर नहीं दिया,इसके बाद मजबूरन प्रिंसिपल पूनम कुशवाहा को उसके कक्षा में जाना पड़ा,वीडियो बनाने के षड्यंत्र की तैयारी पहले से पिक की गई थी,जिसे प्रेरणा द्वारा बनाया गया । विभाग में अपनी शिकायत से बचने हेतु,ऑपरेटर अंशिका ववार्डन प्रेरणा दोनों ने मिलकर इस षड्यंत्र को अंजाम दिया और पूनम कुशवाहा प्रिंसिपल को झूठा फंसा दिया।
उन्होंने बताया कि थाना मसूरी सेथाना प्रभारी व एसीपी ने प्रिंसिपल पूनम कुशवाहा को कई बार फोन कर मजबूरन थाना मसूरी बुलवाया,यहां उन्हें मजबूर कर अंशिका की नौकरी वापस लगवाने का दबाव बनाया।लेकिन प्रिंसिपल पूनम कुशवाहा के हाथ में था ही नहीं,क्योंकि यह तो विभागीय कार्रवाई है ।एसीपी की मनसा पूरी ना होने पर,एसीपी ने जातिवाद को मुद्दा बनाकर बदला निकालने हेतु,पूनम कुशवाहा पर ऐसी /एसटी एक्ट लगा झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया।जबकि वीडियो में ऐसा कोई भी शब्द सुनाई नहीं दे रहा है।
मामले में प्रिंसिपल पूनम कुशवाहा भी न्याय पाने हेतु अदालत का दरवाजा खटखटा रही है।