महिलाओं को उत्पीडन से बचाने का लिया संकल्प

महिलाओं को उत्पीडन से बचाने का लिया संकल्प
- बाल विवाह, बाल श्रम के खिलाफ संघर्ष का आहवान
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
लखनउ से एसोसिएशन फॉर एडवोकेसी एंड लीगल इनिशिएटिव्स ट्रस्ट की टीम ने सांकरौद गांव में बैठक कर महिलाओं को उत्पीडन से बचाने का संकल्प दिलाया। बाल विवाह, बाल श्रम के खिलाफ संघर्ष का आहवान किया।
मंगलवार को सांकरौद गांव में लखनउ से एसोसिएशन फॉर एडवोकेसी एंड लीगल इनिशिएटिव्स ट्रस्ट यानि आली के पदाधिकारी नीतु, ज्योति और अंजली पहुंचे। पंचायत घर में ग्रामीणों के साथ बैठक में वक्ताओं ने कहा कि महिला उत्पीडन, बाल विवाह, बाल श्रम के लिए सभी को मिलकर संघर्ष करना होगा। महिला सशक्ति करण के लिए समाज को आगे आना होगा। नवोदय लोक चेतना कल्याण समिति के महासचिव देवेन्द्र धामा, केसवर्कर रूचिका ने भी विचार रखे।
क्या है आली संस्था
आली की वक्ता अंजली ने बताया कि एसोसिएशन फॉर एडवोकेसी एंड लीगल इनिशिएटिव्स ट्रस्ट महिलाओं द्वारा गठित और नेतृत्व किया जाने वाला एक नारीवादी संगठन है। 1998 में स्थापित आली का वैचारिक ढांचा, महिलाओं के खिलाफ सभी प्रकार के भेदभाव के उन्मूलन पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव में निहित है। लैंगिक समानता के लिए संवादों के माध्यम से महिलाओं को पूर्ण व्यक्ति और समान मानव के रूप में मान्यता देता है। आली संगठन केस वर्कर्स और सूचीबद्ध वकीलों के माध्यम से अनुसंधान, क्षमता निर्माण और मुफ्त सामाजिक-कानूनी सहायता प्रदान करता है। जिसमें महिलाओं, बच्चों और ट्रांसजेंडर सहित हाशिए के समुदायों के खिलाफ हिंसा पर विशेष ध्यान दिया जाता है।