प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर 75 नए पौधे लगाकर मनाया जन्मदिन।  160 एकड़ भूमि पर अब तक  लगाए जा चुके हैं 81,250 पौधे

गाजियाबाद के प्रताप विहार इलाके में सेना की 160 एकड़ भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कर हरियाली का रूप दिया गया है। लंबे समय से खाली पड़ी इस भूमि पर लोगों ने झुग्गियां और अन्य अवैध निर्माण कर रखे थे। स्थानीय विधायक संजीव शर्मा और सांसद अतुल गर्ग की पहल पर प्रशासन और सेना के सहयोग से यह पूरी भूमि कब्जामुक्त कराई गई। अब इस पूरे क्षेत्र को हराभरा और प्रदूषणमुक्त बनाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर 75 नए पौधे लगाकर मनाया जन्मदिन।   160 एकड़ भूमि पर अब तक  लगाए जा चुके हैं 81,250 पौधे

प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर 75 नए पौधे लगाकर मनाया जन्मदिन।

 160 एकड़ भूमि पर अब तक  लगाए जा चुके हैं 81,250 पौधे

तेजेश चौहान, तेजस

गाजियाबाद के प्रताप विहार इलाके में सेना की 160 एकड़ भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कर हरियाली का रूप दिया गया है। लंबे समय से खाली पड़ी इस भूमि पर लोगों ने झुग्गियां और अन्य अवैध निर्माण कर रखे थे। स्थानीय विधायक संजीव शर्मा और सांसद अतुल गर्ग की पहल पर प्रशासन और सेना के सहयोग से यह पूरी भूमि कब्जामुक्त कराई गई। अब इस पूरे क्षेत्र को हराभरा और प्रदूषणमुक्त बनाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

वन विभाग ने इस भूमि को सुरक्षित करने के लिए चारों तरफ तारबाड़ की फेंसिंग करा दी है। इसके साथ ही यहां बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया है। वन विभाग गाजियाबाद की आरओ निम्मी कुचिया और डॉ सलोनी ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री जी के  जन्मदिन पर 75 नए पौधे लगाए गए हैं अभी तक 160 एकड़ भूमि पर लगभग 81,250 पौधे लगाए जा चुके हैं। इन पौधों की देखरेख और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी वन विभाग ने अपने ऊपर ली है।

अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र को ग्रीन जोन के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे न सिर्फ प्रदूषण कम होगा बल्कि स्थानीय लोगों को भी स्वच्छ वातावरण और हरियाली मिलेगी। शहर के बीचोंबीच इतने बड़े पैमाने पर हरियाली विकसित होना गाजियाबाद के लिए राहत की बात है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस कदम से जहां अवैध कब्जों पर रोक लगी है, वहीं बच्चों और बुजुर्गों को भी हराभरा और स्वच्छ वातावरण का लाभ मिलेगा।

इस पहल को शहर के विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यहां हरियाली के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण के सकारात्मक नतीजे देखने को मिलेंगे।