गृह कर के बिल पोर्टल पर अपलोड होने के बाद ही होगी टिप्पणी : कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी

ग्रह कर वृद्धि को लेकर नगर आयुक्त से कोरवा की हुई चर्चा,कूड़ा निस्तारण के मुद्दे पर भी तीखी बहस हुई । कर्नल त्यागी ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 का हवाला देते हुए कहा कि नगर निगम को तीन वर्ष के भीतर सेनेटरी लैंडफिल साइट विकसित करनी थी, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं हुआ।

गृह कर के बिल पोर्टल पर अपलोड होने के बाद ही होगी टिप्पणी : कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी

तेजस न्यूज संवाददाता 

गृह कर के बिल पोर्टल पर अपलोड होने के बाद ही होगी टिप्पणी : कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी

गाजियाबाद, 16 अप्रैल 2026। नगर निगम मुख्यालय में गुरुवार को गृह कर और कूड़ा निस्तारण जैसे अहम मुद्दों पर नगर आयुक्त एवं सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में फ्लैट ओनर फेडरेशन, आरडब्ल्यूए फेडरेशन और कोरवा-यूपी के पदाधिकारियों ने भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने किया। इस दौरान कई पार्षद और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक में सबसे अधिक चर्चा गृह कर में वृद्धि को लेकर हुई। कर्नल त्यागी ने कहा कि मेयर द्वारा सार्वजनिक रूप से दो बार यह घोषणा की जा चुकी है कि गृह कर में बढ़ोतरी समाप्त कर दी गई है और पुरानी दरों पर ही कर वसूला जाएगा। इसके बावजूद नगर निगम द्वारा “सलामी स्लाइसिंग” के माध्यम से पहले कर बढ़ाकर फिर छूट देने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे भविष्य में कर की आधार दर बढ़ जाएगी और नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

इस पर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने स्पष्ट किया कि किसी भी आवासीय संपत्ति पर गृह कर में वृद्धि पुराने रेट की तुलना में 21 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी, जबकि व्यावसायिक संपत्तियों के लिए यह सीमा 25 प्रतिशत तय की गई है। बैठक के निष्कर्ष में कर्नल त्यागी ने कहा कि जब तक गृह कर के बिल पोर्टल पर अपलोड नहीं हो जाते, तब तक अंतिम टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

कूड़ा निस्तारण के मुद्दे पर भी तीखी बहस देखने को मिली। कर्नल त्यागी ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 का हवाला देते हुए कहा कि नगर निगम को तीन वर्ष के भीतर सेनेटरी लैंडफिल साइट विकसित करनी थी, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं हुआ। उन्होंने डंपिंग ग्राउंड के बजाय ट्रेंच टाइप सेनेटरी लैंडफिल विकसित करने का सुझाव दिया, जिससे कूड़ा जमीन के ऊपर न रहे और भरने के बाद उस क्षेत्र को हरित पट्टी में बदला जा सके। उनका कहना था कि इस मॉडल से स्थानीय स्तर पर विरोध भी कम होगा।

नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम द्वारा पिछले वर्षों की तुलना में कूड़ा निस्तारण व्यवस्था में काफी सुधार किया गया है और वर्तमान में कार्य अधिक व्यवस्थित ढंग से हो रहा है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को नगर निगम के ट्रांसफर स्टेशन का निरीक्षण कराने का भी प्रस्ताव दिया, ताकि वे व्यवस्थाओं को प्रत्यक्ष रूप से देख सकें।

बैठक में कोरवा-यूपी के महासचिव जय दीक्षित, कैलाश चन्द्र शर्मा, सचिव नेम पाल चौधरी, फ्लैट ओनर फेडरेशन के उपाध्यक्ष एम.एल. वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा नगर निगम के शीर्ष अधिकारी एवं आधा दर्जन से अधिक पार्षद भी वार्ता में शामिल हुए।