1980 में भाजपा के पहले नोएडा मंडल अध्यक्ष बने थे नवाब सिंह नागर

नोएडा में भाजपा के संस्थापक माने जाते हैं नवाब सिंह नागर

1980 में भाजपा के पहले नोएडा मंडल अध्यक्ष बने थे नवाब सिंह नागर

भाजपा ने नवाब सिंह नागर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष बनाने के बाद से नोएडा में लगातार उनकी चर्चा हो रही है। उनकी चर्चा का सबसे बड़ा कारण भाजपा में एक राजनीतिक बड़ी जिम्मेदारी मिलना माना जा रहा है। नवाब सिंह नागर को नोएडा में भाजपा का संस्थापक माना जाता है। नवाब सिंह नागर कॉलेज के समय से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं। 1980 में भाजपा के गठन के बाद नवाब सिंह नागर को नोएडा का पहला मंडल अध्यक्ष बनाया गया था। नवाब सिंह नागर के नेतृत्व में संगठन विस्तार और पार्टी को मजबूत करने का काम कार्यकर्ताओं द्वारा काफी तेजी के साथ किया गया। संगठन में काफी लंबे समय तक काम करने का उनका अनुभव सबसे बड़ी ताकत है।


नवाब सिंह नागर ने पहली बार साल 1993 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में दादरी विधान सभा सीट से चुनाव लड़ा था। लेकिन, नवाब सिंह नागर को उस दौरान चुनावों में हार का सामना करना पड़ा। साल 1996 में नवाब सिंह नागर दादरी विधान सभा सीट से जीत दर्ज कर पहली बार विधायक बने थे। साल 2002 में नवाब सिंह नागर को दोबारा इसी सीट से विधायक बनने का मौका मिला। भाजपा सरकार में नवाब सिंह नागर को उत्तर प्रदेश का सिंचाई मंत्री बनाया गया।
किसानों और स्थानीय लोगों के उठाए मुद्दे
नवाब सिंह नागर किसानों और स्थानीय लोगों के मुद्दे लगातार उठाते रहे। नवाब सिंह नागर ने स्टांप शुल्क, नोएडा के विकास, जिला बहाली और किसानों के अधिकारों जैसे विषयों पर आंदोलन भी किया। इन आंदोलन के दौरान उन्हें कई बार गिरफ्तार भी किया गया।
डीएनडी फ्लाईवे को टोल फ्री कराने में निभाई अहम भूमिका
साल 2014 और 2016 के बीच नवाब सिंह नागर ने डीएनडी फ्लाईवे को टोल फ्री कराने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। इसके लिए उन्होंने लगातार धरना प्रदर्शन और जन संपर्क अभियान भी किया। इसके अलावा यमुना प्राधिकरण और भूमि आवंटन समेत कई मुद्दों को भी प्रमुखता के साथ उठाया।
2013 में बने किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
नवाब सिंह नागर को साल 2013 में भाजपा किसान मोर्चा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। इसके अलावा वह उत्तर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष भी नियुक्त किए गए। नवाब सिंह नागर के संगठन के अनुभव को देखते हुए आगामी 2027 के विधान सभा चुनावों से पहले पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया है।