श्रद्धा सेवा की अनूठी मिसाल : हरिद्वार से कावड़ में दादी को लाया पोता

लेकिन दिल्ली के विकास नगर निवासी अरविंद की अनोखी कांवर यात्रा इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। अरविंद हरिद्वार से मां गंगा का पवित्र जल लेकर अपनी दादी को कांवर में बैठाकर पैदल यात्रा कर रहे हैं, जो श्रद्धा, सेवा और पारिवारिक संस्कारों का प्रेरक उदाहरण है।

श्रद्धा सेवा की अनूठी मिसाल : हरिद्वार से कावड़ में दादी को लाया पोता
तेजस न्यूज संवाददाता 
हरिद्वार से कांवड़ में दादी को बैठाकर ला रहा अरविंद, श्रद्धा और सेवा की अनूठी मिसाल
गाजियाबाद। सावन माह में भगवान शिव के प्रति आस्था के अनेक स्वरूप देखने को मिलते हैं, लेकिन दिल्ली के विकास नगर निवासी अरविंद की अनोखी कांवर यात्रा इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। अरविंद हरिद्वार से मां गंगा का पवित्र जल लेकर अपनी दादी को कांवर में बैठाकर पैदल यात्रा कर रहे हैं, जो श्रद्धा, सेवा और पारिवारिक संस्कारों का प्रेरक उदाहरण है।

अरविंद पिछले 10 दिनों से प्रतिदिन लगभग 10 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को वह गाजियाबाद पहुंचे, जहां श्रद्धालुओं ने उनकी इस अनूठी यात्रा को देखकर उनका उत्साहवर्धन किया। भगवान शिव के जयघोष के बीच आगे बढ़ रही यह कांवर यात्रा लोगों के लिए आकर्षण और प्रेरणा का विषय बनी हुई है।

अरविंद ने बताया कि उन्होंने अपनी दादी से उन्हें धार्मिक यात्रा कराने का वादा किया था। उसी वचन को निभाने के लिए उन्होंने दादी को कांवर में बैठाकर हरिद्वार से पैदल यात्रा करने का संकल्प लिया। उनका कहना है कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से यह कठिन यात्रा सहज रूप से पूरी हो रही है।

उन्होंने बताया कि उनकी सबसे बड़ी प्रार्थना यही है कि भगवान शिव उनकी दादी को लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और सुखी जीवन का आशीर्वाद दें। अरविंद अभी अविवाहित हैं और पेशे से डीजे का कार्य करते हैं।

गाजियाबाद में इस अनोखी कांवर यात्रा को देखने के लिए राहगीर और श्रद्धालु रुक रहे हैं। लोग अरविंद की सेवा भावना, अपने वचन के प्रति निष्ठा और दादी के प्रति समर्पण की खुले दिल से सराहना कर रहे हैं। उनकी यह यात्रा केवल गंगाजल लाने तक सीमित नहीं, बल्कि परिवार, संस्कार और बुजुर्गों के सम्मान का प्रेरक संदेश भी दे रही है।