गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट: 2000 कैमरों से निगरानी, 65 एंबुलेंस और 200 से अधिक बेड तैयार

कंट्रोल रूम के माध्यम से कांवड़ यात्रा मार्ग पर लगाए गए करीब 2000 सीसीटीवी कैमरा की 24 घंटे निगरानी की जाएगी इन कैमरा के जरिए मुरादनगर गंगानगर नेशनल हाईवे 58 कांवड़ मार्ग और दो दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर सहित पूरे प्रमुख यात्रा मार्ग पर गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी

गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट: 2000 कैमरों से निगरानी, 65 एंबुलेंस और 200 से अधिक बेड तैयार

तेजस न्यूज संवाददाता 

गाजियाबाद। सावन कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए गाजियाबाद जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक  ने संयुक्त रूप से कांवड़ यात्रा कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। यह कंट्रोल रूम पूरी यात्रा के दौरान निगरानी, समन्वय और त्वरित निर्णय लेने का मुख्य केंद्र रहेगा।

जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांडड़ ने बताया कि कंट्रोल रूम के माध्यम से कांवड़ यात्रा मार्ग पर लगाए गए करीब 2000 सीसीटीवी कैमरा की 24 घंटे निगरानी की जाएगी इन कैमरा के जरिए मुरादनगर गंगानगर नेशनल हाईवे 58 कांवड़ मार्ग और दो दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर सहित पूरे प्रमुख यात्रा मार्ग पर गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग और पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात किए गए हैं। भीड़ बढ़ने या किसी भी आकस्मिक स्थिति में कंट्रोल रूम से तत्काल निर्णय लेकर मौके पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जलभराव, जाम और सफाई पर विशेष फोकस

नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि कांवड़ यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए नगर निगम की टीमें लगातार फील्ड में काम कर रही हैं। जिन स्थानों पर बारिश के कारण जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है, वहां जैट पम्प के माध्यम से तत्काल पानी निकाला जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यातायात बाधित न हो इसके लिए चौराहों और प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सड़क पर गड्ढे,जलभराव या अन्य समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा रहा है ताकि कांवड़ियों की यात्रा निर्बाध बनी रहे।

प्लास्टिक मुक्त बनाया गया कांवड़ मार्ग

नगर आयुक्त ने बताया कि इस वर्ष कांवड़ यात्रा मार्ग को प्लास्टिक मुक्त  बनाने का विशेष अभियान चलाया गया है। यात्रा मार्ग पर संचालित सभी भंडारों में प्लास्टिक के गिलास, प्लेट, दोने और अन्य डिस्पोजेबल सामग्री के उपयोग पर रोक लगाई गई है। उनकी जगह पर्यावरण अनुकूल सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है।

नगर निगम की ओर से शहर में विशेष भंडारे भी संचालित किए जा रहे हैं, जहां कांवड़ यात्रियों को देसी घी से तैयार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा कंट्रोल रूम से कर्मचारियों की नियमित ब्रीफिंग और श्रद्धालुओं से फीडबैक लेकर व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार भी किए जाएंगे।

स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह तैयार

स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जिलाधिकारी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान कल 65 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। इसके अलावा 25 से अधिक स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न अस्पतालों में 200 से अधिक बेड भी आरक्षित रखे गए हैं।उन्होंने स्वयं विभिन्न चिकित्सा शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने बताया कि कांवड़ियों के पैरों में छाले, थकान, डिहाइड्रेशन और अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार के लिए मरहम-पट्टी, दवाइयों और चिकित्सकों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

10 अगस्त को पांच स्थानों पर होगी पुष्प वर्षा

कांवड़ यात्रियों के स्वागत के लिए जिला प्रशासन ने विशेष कार्यक्रम भी तय किया है। 10 अगस्त को जनपद के पांच प्रमुख स्थानों   पर कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की जाएगी। इनमें मेरठ रोड, मोदीनगर तथा प्रमुख मंदिर क्षेत्रों सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं।जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांडड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।