पांडव नगर इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्री में लगी आग, दमकल ने समय रहते पाया काबू

गाजियाबाद के पांडव नगर इलाके में बुधवार की सुबह अचानक उसे वक्त बदल मच गई जब वहां स्टेट झाड़ू के कवर बनाने वाली एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई इसकी सूचना दमकल विभाग की टीम तीन फायर टेंडर के साथ मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया गनीमत रहेगी दमकल विभाग की सूझबूझ से फैक्ट्री के अन्य भाग में आग लगने से रोक लिया गया। इस दौरान कोई हताहत तो नहीं हुआ लेकिन फैक्ट्री में रहा काफी माल जलकर राख हो गया

पांडव नगर इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्री में लगी आग, दमकल ने समय रहते पाया काबू
तेजस न्यूज संवाददाता 
पांडव नगर इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्री में लगी आग, दमकल ने समय रहते पाया काबू
गाजियाबाद। पांडव नगर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक  फैक्ट्री में बुधवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। हालांकि सूचना मिलते ही दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया।गनीमत रही कि इस  हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

 इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए चीफ फायर ऑफिसर राहुल पाल ने बताया कि  बुधवार 12 अगस्त 2026 को सुबह करीब 8:01 बजे फायर स्टेशन कोतवाली को MDT नंबर 1487 के माध्यम से सूचना मिली कि पांडव नगर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित झाड़ू के कवर बनाने वाली प्राइड इंटरप्राइजेज फैक्ट्री में आग लगी है। सूचना मिलते ही अग्निशमन अधिकारी कोतवाली के नेतृत्व में वाटर ब्राउजर एवं वाटर टेंडर और स्वदेशी कंपाउंड में तैनात फायर टेंडर को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

मौके पर पहुंचने पर पता चला कि फैक्ट्री की पहली मंजिल के ऊपर बना टीन शेड आग के कारण क्षतिग्रस्त होकर नीचे गिर गया था। आग पाउचिंग मशीन तथा झाड़ू के कवर आदि में लगी हुई थी। फायर यूनिट ने एमएफई से हौज पाइप लाइन फैलाकर आग को चारों ओर से कवर कर लिया और उसे अन्य हिस्सों में फैलने से पहले ही काबू पा लिया गया।

उन्होंने बताया कि दमकल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से आसपास स्थित अन्य फैक्ट्रियों को भी आग की चपेट में आने से बचा लिया गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझा दिया गया।
घटना के समय फैक्ट्री मालिक प्रशांत अग्रवाल पुत्र स्वर्गीय रामकिशन गुप्ता निवासी केएम-144 कविनगर गाजियाबाद,लिए खुद मौके पर मौजूद थे।इस घटना में किसी व्यक्ति के हताहत  नहीं हुआ और दंगल विभाग की सूझबूझ से नीचे के हिस्से में आग फैलने से रोक लिया गया।