दूधेश्वर नाथ मंदिर में श्रावण शिवरात्रि पर बरसात के साथ बरसी भक्ति, आस्था और श्रद्धा

लाखों शिवभक्तों और कांवड़ियों ने किया भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक, हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंजा शहर

दूधेश्वर नाथ मंदिर में श्रावण शिवरात्रि पर बरसात के साथ बरसी भक्ति, आस्था और श्रद्धा

तेजस न्यूज संवाददाता 

लाखों शिवभक्तों और कांवड़ियों ने किया भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक, हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंजा शहर

गाजियाबाद। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में श्रावण शिवरात्रि का पर्व भक्ति, आस्था और श्रद्धा के साथ धूमधाम से मनाया गया। लगातार हो रही बारिश भी शिवभक्तों और कांवड़ियों के उत्साह को नहीं रोक सकी। देश के विभिन्न शहरों और राज्यों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाओं की प्रार्थना की। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र हर-हर महादेव, बोल बम और भगवान दूधेश्वर के जयकारों से गुंजायमान रहा।

श्रावण शिवरात्रि पर भगवान दूधेश्वर के जलाभिषेक का निर्धारित समय प्रातः छह बजे से था, लेकिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते जलाभिषेक का सिलसिला रविवार से ही निरंतर चलता रहा। सोमवार को भी बारिश के बीच शिवभक्तों और कांवड़ियों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे और भगवान दूधेश्वर का गंगाजल से अभिषेक किया।

लंदन से पीठाधीश्वर ने दी शुभकामनाएं

मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज इन दिनों संत संसद में भाग लेने के लिए लंदन प्रवास पर हैं। उन्होंने लंदन से ही श्रावण शिवरात्रि के पावन पर्व पर सभी शिवभक्तों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान दूधेश्वर से प्रार्थना की कि सभी भक्तों पर उनकी कृपा सदैव बनी रहे और देश-दुनिया में सुख, शांति एवं समृद्धि कायम हो।

महंत गिरिशानंद गिरि ने की विशेष पूजा-अर्चना

प्राचीन देवी मंदिर द्वारका पुरी, दिल्ली गेट के पीठाधीश्वर महंत गिरिशानंद गिरि महाराज ने भगवान दूधेश्वर की विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान का अभिषेक कर धूप आरती और दीप आरती की। इस अवसर पर भगवान दूधेश्वर को छप्पन भोग भी अर्पित किया गया।भगवान का भव्य श्रृंगार मंदिर की श्रृंगार समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल द्वारा किया गया। विशेष श्रृंगार के बाद भगवान दूधेश्वर की दिव्य छवि के दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही।

शिवभक्तों और कांवड़ियों की सेवा में जुटे स्वयंसेवक

श्री दूधेश्वर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज गर्ग की ओर से कांवड़ियों और शिवभक्तों के लिए व्यापक सेवा व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं के लिए भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं का प्रबंध किया गया। कांवड़ियों के ठहरने के लिए शंभू दयाल इंटर कॉलेज और डिग्री कॉलेज में भी आवास आदि की व्यवस्था की गई।

मंदिर के मीडिया प्रभारी एसआर सुथार ने बताया कि भारी बारिश और श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के बावजूद जलाभिषेक व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रही। शिवभक्तों और कांवड़ियों के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई थीं, जिससे श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन और जलाभिषेक में परेशानी न हो। व्यवस्था को संभालने के लिए मंदिर के 500 से अधिक स्वयंसेवक तैनात रहे।

आठ प्रहर हुई पूजा-अर्चना

श्रावण शिवरात्रि के अवसर पर मंदिर में आठ प्रहर की विशेष पूजा-अर्चना कराई गई। प्रबंधक आचार्य अमित कुमार शर्मा, आचार्य तयोराज उपाध्याय, अनिल पाढ़ी, लक्ष्मीकांत पाढ़ी, रोहित त्रिपाठी, नित्यानंद आचार्य आदि ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। पूजा-अर्चना की व्यवस्था में शंकर झा ने भी सहयोग किया।

छह माह के लिए हटाई गई जलहरी

श्रावण शिवरात्रि के अवसर पर मंदिर की धार्मिक परंपरा के तहत भगवान दूधेश्वर की जलहरी को छह माह के लिए हटा दिया गया। अब छह माह बाद महाशिवरात्रि के अवसर पर जलहरी की पुनः स्थापना की जाएगी। इस धार्मिक परंपरा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

चप्पे-चप्पे पर रही सुरक्षा व्यवस्था

श्रावण शिवरात्रि पर उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस जवानों के साथ महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी गई।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार सुरक्षा व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के लिए की गई अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी रविन्द्र मादड, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजकरण नय्यर, विधायक संजीव शर्मा, एसीपी उपासना पाण्डेय, एसीपी प्रिया पाल, कोतवाली थानाध्यक्ष सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौके पर व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रहे।

जगह-जगह लगे सेवा शिविर

दूधेश्वर मंदिर के आसपास विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों की ओर से कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर लगाए गए। इन शिविरों में कांवड़ियों और शिवभक्तों के लिए भोजन, पानी, चिकित्सा तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। बारिश के बावजूद सेवा शिविरों में सेवादार पूरी तत्परता से जुटे रहे।श्रावण शिवरात्रि के मौके पर पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, नगर निगम, मंदिर के सेवादारों, स्वयंसेवकों और मीडियाकर्मियों सहित विभिन्न संगठनों का सहयोग व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण रहा।

देर रात तक चलता रहा जलाभिषेक

बारिश के बीच भी शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बड़ी संख्या में कांवड़िये हरिद्वार से गंगाजल लेकर दूधेश्वर मंदिर पहुंचे और भगवान दूधेश्वर का अभिषेक किया। मंदिर परिसर में लगातार गूंजते हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों ने पूरे वातावरण को शिवमय कर दिया।

देर रात तक श्रद्धालुओं और कांवड़ियों द्वारा भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक किया जाता रहा। बारिश, लंबी कतार और भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई। ऐसा लगा मानो सावन की बारिश के साथ भगवान दूधेश्वर की नगरी में भक्ति, आस्था और श्रद्धा भी बरस रही हो।