ई-रजिस्ट्री के निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं का संघर्ष तेज, खेकड़ा तहसील में हड़ताल जारी
खेकड़ा तहसील सहित प्रदेशभर की तहसीलों में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के निजीकरण (PPP फ्रंट मॉडल) के विरोध में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शनिवार को भी खेकड़ा तहसील में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने सरकार के फैसले के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखी।
ई-रजिस्ट्री के निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं का संघर्ष तेज, खेकड़ा तहसील में हड़ताल जारी
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
खेकड़ा तहसील सहित प्रदेशभर की तहसीलों में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के निजीकरण (PPP फ्रंट मॉडल) के विरोध में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शनिवार को भी खेकड़ा तहसील में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने सरकार के फैसले के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखी।
बताया गया कि यह आंदोलन 10 जून से लगातार जारी है और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अधिवक्ता व दस्तावेज लेखक एकजुट होकर सरकार की नई व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार द्वारा लागू किया जा रहा PPP फ्रंट मॉडल रजिस्ट्री व्यवस्था से जुड़े लाखों लोगों के रोजगार और अधिकारों पर सीधा असर डालेगा, जिससे बड़ी संख्या में लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक सरकार ई-रजिस्ट्री के निजीकरण के इस निर्णय को वापस नहीं लेती और इससे जुड़े लोगों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को जनहित, पारदर्शिता और रोजगार संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने सरकार से सभी संबंधित पक्षों के साथ वार्ता कर उचित समाधान निकालने की मांग की। आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि यह लड़ाई केवल रोजगार की नहीं बल्कि अपने अधिकारों और व्यवस्था की सुरक्षा की लड़ाई है। एक क्रांति अपने हक की के नारे के साथ आंदोलनकारियों ने दोहराया कि ई-रजिस्ट्री के निजीकरण का पुरजोर विरोध जारी है और यह संघर्ष तब तक चलता रहेगा, जब तक सरकार निर्णय वापस नहीं लेती।