तेजेश चौहान, तेजस
दिनदहाड़े तहसील परिसर में वकील के चेंबर में ही वकील की गोली मारकर की गई हत्या, पुलिस जांच में जुटी।
गाजियाबाद की सदर तहसील में बुधवार को दोपहर के वक्त अचानक उसे वक्त का तफरी का माहौल हो गया। जब तहसील परिसर में वकील और बेनाम लेखकों ने एक वकील की हत्या किए जाने की खबर सुनी। जैसे ही वकीलों और बेनाम लेखकों को इसकी जानकारी मिली तो बड़ी संख्या में भीड़ मौके पर पहुंची और आनन फानन में इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना के आधार पर मौके पर पहुंची पुलिस ने हत्यारे को गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीम का गठन किया और हथियारों की तलाश शुरू कर दी गई।
जानकारी के मुताबिक सदर तहसील में चेंबर नंबर 95 में वकील मनोज चौधरी उर्फ मोनू और दुहाई के रहने वाले मनीष त्यागी बैठते हैं। बुधवार को दोपहर के वक्त हापुड़ के मामले को लेकर वकीलों और बैनामा लेखन की एक बैठक चल रही थी। इसी दौरान मनोज चौधरी अपने चेंबर पर पहुंचे और वह खाना खा रहे थे। अचानक ही अज्ञात हमलावर आए और गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई।उसी समय उनके चेंबर पर कोई शख्स पहुंचा तो इसकी जानकारी अन्य वकीलों और बैनामा लेखकों को हुई। इसके बाद तहसील परिसर में मौजूद बैनामा लेखक और वकील मौके पर पहुंचे और आनन फानन में इसकी सूचना पुलिस को दी।
सूचना के आधार पर तत्काल प्रभाव से भारी पुलिस बल के साथ खुद एडीसीपी सिटी निपुण अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे और मृतक केशव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। साथ ही इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन करते हुए तहसील परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। डीसीपी निपुण अग्रवाल ने बताया कि इस तरह की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर तत्काल प्रभाव से मौके पर पहुंची पुलिस ने हथियारों की गिरफ्तारी के लिए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज कंगाल ने शुरू कर दिए हैं। जल्द ही इस पूरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए हथियारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि मनोज उर्फ मोनू चौधरी के पिता पुलिस में तैनात थे। वह अपने परिवार के साथ स्वर्ण जयंतीपुरम में रहते हैं। मृतक के साथ उनकी ससुराल पक्ष के लोग भी इसी चेंबर पर ही बैठते हैं और जिस तरह चेंबर की स्थिति घटना के बाद नजर आई। उसे देखकर लगता है कि हमलावरों ने मोनू चौधरी की कनपटी से सटाकर ही गोली मारकर हत्या की है और जिस तरह से उनका लंच बॉक्स खुला हुआ नजर आया। उससे यह भी आशंका जताई जा रही है। कि शायद हत्यारे ने उनके साथ बैठकर पहले खाना खाया हो, इसलिए यह माना जा रहा है। कि इस हत्याकांड को अंजाम देने वाला कोई परिचित ही हो सकता है।