भक्ताम्बर जैन मंदिर में मनाया गया गर्भ कल्याणक संस्कार

बड़ागांव स्थित भक्ताम्बर दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे पंचकल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को गर्भ कल्याणक संस्कार बड़े श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान की माता की पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

भक्ताम्बर जैन मंदिर में मनाया गया गर्भ कल्याणक संस्कार

भक्ताम्बर जैन मंदिर में मनाया गया गर्भ कल्याणक संस्कार
- मुनि प्रणम्य सागर महाराज के सानिध्य में हुए दिव्य अनुष्ठान, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
बड़ागांव स्थित भक्ताम्बर दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे पंचकल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को गर्भ कल्याणक संस्कार बड़े श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान की माता की पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
प्रातः काल छह बजे मुनि प्रणम्य सागर महाराज के सानिध्य में भगवान की प्रतिमा का गर्म प्रासुक जल से अभिषेक किया गया। मुनि श्री द्वारा बोले गए दिव्य मंत्रों के बीच सौधर्म इंद्र और भरत इंद्र ने शांतिधारा दी। इसके बाद नित्य नियम पूजा और भगवान की माता की गोद भराई की रस्म का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने मंगल गीतों और जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। दोपहर में मातृ-पितृ समर्पण समारोह का आयोजन हुआ। इसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपने माता-पिता के चरणों का गर्म प्रासुक जल से पाद प्रक्षालन किया और उन्हें उपहार भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुनि प्रणम्य सागर महाराज ने कहा कि यदि हम गर्भ कल्याणक का सच्चा अर्थ समझना चाहते हैं, तो यह संकल्प लेना होगा कि हर गर्भस्थ शिशु की रक्षा करें और उसे संस्कारित बनाएं। उन्होंने प्रवचन में कहा कि जब तीर्थंकर का गर्भ में आगमन होता है, तब देवराज इंद्र कुबेर को आदेश देते हैं कि अयोध्या नगर का हर प्राणी संपन्न हो जाए। गर्भ के छह माह पूर्व ही साढ़े दस करोड़ रत्नों की वर्षा होती है। मुनि श्री ने कहा कि जब कोई शिशु गर्भ में हो, तो माता के मन में केवल शुभ, पवित्र और धार्मिक विचार आने चाहिए, क्योंकि वही विचार आगे चलकर बच्चे के संस्कार बनते हैं। इस दौरान हुए भक्ति कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। मंच संचालन में अभिमन्यु जैन, त्रिलोक चंद जैन, सुभाष जैन, संजीव जैन आदि ने सहयोग किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर और विशाल पांडाल में धार्मिक उत्साह, भक्ति और शांति का अद्भुत वातावरण बना रहा।
खेकड़ा में दिनभर रहा जाम
पंचकल्याणक महोत्सव में भाग लेने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ से सोमवार को खेकड़ा कस्बे में दिनभर जाम के हालात बने रहे। श्रद्धालुओं के वाहन कस्बे के संकरे रास्तों से होकर बाजार चौकी से गुजरते हुए बड़ागांव मार्ग तक पहुंचे। कई वाहनों ने जैन कॉलेज मार्ग होते हुए मीतली रजवाहा पटरी की ओर रूख किया, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था दिनभर प्रभावित रही।