पंचकल्याणक में हुआ अद्वितीय पाषाण जिनमंदिर का शिलान्यास

बड़ागांव स्थित भक्ताम्बर तीर्थ दिगम्बर जैन मंदिर के प्रांगण में रविवार को पंचकल्याणक महामहोत्सव का शुभारंभ अद्वितीय पाषाण जिनमंदिर के शिलान्यास के साथ हुआ। आयोजन की शुरुआत गर्भकल्याणक पूजन और माता वामादेवी की गोद भराई से हुई। इस दौरान 56 कुमारियों ने माता की सेवा कर श्रद्धा व्यक्त की, वहीं महाराजा अश्वसैन का भव्य राजदरबार भी सजा।

पंचकल्याणक में हुआ अद्वितीय पाषाण जिनमंदिर का शिलान्यास

पंचकल्याणक महोत्सव-

पंचकल्याणक में हुआ अद्वितीय पाषाण जिनमंदिर का शिलान्यास
- गर्भकल्याणक पूजन, 56 कुमारियों ने माता वामादेवी की सेवा की
खेकड़ा।
बड़ागांव स्थित भक्ताम्बर तीर्थ दिगम्बर जैन मंदिर के प्रांगण में रविवार को पंचकल्याणक महामहोत्सव का शुभारंभ अद्वितीय पाषाण जिनमंदिर के शिलान्यास के साथ हुआ। आयोजन की शुरुआत गर्भकल्याणक पूजन और माता वामादेवी की गोद भराई से हुई। इस दौरान 56 कुमारियों ने माता की सेवा कर श्रद्धा व्यक्त की, वहीं महाराजा अश्वसैन का भव्य राजदरबार भी सजा।
मुनि श्री प्रणम्य सागर महाराज के सानिध्य में अनुष्ठान सुबह साढ़े छह बजे श्रीजी की मंत्र आराधना व जाप से प्रारंभ हुआ। इसके पश्चात प्रभु का नित्य पूजन, अभिषेक और शांतिधारा संपन्न हुई। तत्पश्चात जिनमंदिर का शिलान्यास व ध्वजारोहण किया गया। प्रतिष्ठाचार्य शुभम जैन शुभांश ने मंत्रोच्चार के साथ गर्भकल्याणक पूजन कराया। दोपहर में सीमांतनी क्रिया एवं माता की गोद भराई हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने माता को उपहार भेंट किए। शाम के समय नवीन वेदी की शुद्धि, मंगल आरती और शास्त्र सभा का आयोजन हुआ। इसके बाद महाराजा अश्वसैन का राजदरबार मंचित किया गया, जिसमें राज्य व्यवस्था का प्रतीकात्मक प्रदर्शन हुआ। तत्पश्चात माता को स्वप्न दर्शन की क्रिया हुई और प्रभु के गर्भ में आने का समाचार सुनते ही नगर में हर्षाेल्लास फैल गया। श्रद्धालु झूम उठे। अष्ट कुमारियों ने तत्व चर्चा प्रस्तुत की। मुनि प्रणम्य सागर महाराज ने प्रवचन कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। अनुष्ठान में अभिमन्यु जैन, त्रिलोकचंद जैन, संजीव जैन आदि ने विशेष सहयोग दिया। दिल्ली, सोनीपत, गाजियाबाद सहित देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
प्रशासनिक व्यवस्था रही सुदृढ़
पंचकल्याणक के दौरान पुलिस और प्रशासन की व्यवस्थाएं सुदृढ़ रहीं। श्रद्धालुओं का आगमन शनिवार रात से ही प्रारंभ हो गया था। कोतवाल प्रभाकर कैंतूरा ने बताया कि सुरक्षा के लिए पुलिस की कई टीमों को तैनात किया, वहीं स्वास्थ्य विभाग की सीएचसी से डा. ताहिर के निर्देश पर एंबुलेंस व चिकित्सक दल मौके पर मौजूद रहा।
टोल पर श्रद्धालुओं को हुई दिक्कत
बड़ागांव स्थित ईस्टर्न पेरिफेरल टोल पर गाजियाबाद दिशा से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली व सोनीपत से आने वाले श्रद्धालु तो आसानी से मंदिर पहुंचे, किंतु गाजियाबाद की ओर से आने वाले यात्रियों को मवीकलां टोल से घूमकर आना पड़ा। मंदिर समिति ने टोल प्रबंधक से 14 नवंबर तक गाजियाबाद की दिशा से आने वाले वाहनों को उतरने की अनुमति देने की मांग की है।