न्यू तहसील बार एसोसिएशन ने खोला मोर्चा, एआईजी स्टाम्प को सौंपा 12 सूत्रीय मांगपत्र

प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्ट्री और बैनामा लेखन कार्य में लागू की जा रही नई व्यवस्थाओं और जटिल नियमों के विरोध में न्यू तहसील बार एसोसिएशन खेकड़ा ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एआईजी स्टाम्प बागपत को 12 सूत्रीय मांगपत्र सौंपते हुए तत्काल नई व्यवस्था वापस लेने की मांग की।

न्यू तहसील बार एसोसिएशन ने खोला मोर्चा, एआईजी स्टाम्प को सौंपा 12 सूत्रीय मांगपत्र

न्यू तहसील बार एसोसिएशन ने खोला मोर्चा, एआईजी स्टाम्प को सौंपा 12 सूत्रीय मांगपत्र
– रजिस्ट्री व्यवस्था के नए नियमों के विरोध में अधिवक्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्ट्री और बैनामा लेखन कार्य में लागू की जा रही नई व्यवस्थाओं और जटिल नियमों के विरोध में न्यू तहसील बार एसोसिएशन खेकड़ा ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एआईजी स्टाम्प बागपत को 12 सूत्रीय मांगपत्र सौंपते हुए तत्काल नई व्यवस्था वापस लेने की मांग की।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिओम शर्मा और महामंत्री नीरज त्यागी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि नई नीतियों के विरोध में अधिवक्ता पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और प्रतिदिन रजिस्ट्री कार्यालय व न्यायालय परिसर में तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार बिना जमीनी हकीकत को समझे नए आदेश थोप रही है, जिससे बैनामा लेखन कार्य से जुड़े हजारों अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टाम्प विक्रेता रोजगार संकट के मुहाने पर पहुंच गए हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार द्वारा लागू फ्रंट ऑफिस व्यवस्था को तत्काल वापस लिया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि ऑनलाइन आवेदन के दौरान खरीदार के मोबाइल पर आने वाले डबल ओटीपी सिस्टम को समाप्त किया जाए। आधार कार्ड से लिंक ओटीपी की अनिवार्यता खत्म कर यह प्रक्रिया उपनिबंधक कार्यालय स्तर पर ही पूरी कराई जाए। इसके अलावा 20 हजार रुपये नकद भुगतान सीमा समाप्त कर इसे आयकर सीमा के अनुरूप 10 से 12 लाख रुपये तक बढ़ाया जाए और इस सीमा तक पैन कार्ड या फॉर्म-60 की अनिवार्यता खत्म की जाए। अधिवक्ताओं ने कहा कि खेकड़ा ग्रामीण क्षेत्र है, जहां आज भी बड़ी संख्या में किसानों और काश्तकारों के पास आधार और पैन कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। साथ ही आईजीआरएस साइट सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अत्यधिक व्यस्त रहती है, जिससे एक आवेदन पूरा करने में एक से तीन घंटे तक लग जाते हैं। साइट व्यस्त होने की स्थिति में आवेदन का समय बढ़ाने और पोर्टल पर नाम गलत दर्ज होने पर संशोधन का विकल्प देने की भी मांग उठाई गई। बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने व्यावहारिक समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता, वरिष्ठ वकील, दस्तावेज लेखक, स्टाम्प विक्रेता और बार एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।