मवीकलां में लगा निशुल्क नेत्र जांच शिविर, छह मरीज मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित
ग्रामीण क्षेत्रों में अंधता निवारण अभियान को गति देते हुए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम ने मंगलवार को मवीकलां उपकेंद्र पर निशुल्क नेत्र जांच एवं मोतियाबिंद पहचान शिविर का आयोजन किया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ग्रामीणों की आंखों की जांच कर आवश्यक दवाएं वितरित कीं, जबकि छह मरीजों को निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित कर जिला अस्पताल रेफर किया गया।
मवीकलां में लगा निशुल्क नेत्र जांच शिविर, छह मरीज मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित
- 60 ग्रामीणों की आंखों की जांच कर वितरित की गई दवाएं, जिला अस्पताल किया गया रेफर
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
ग्रामीण क्षेत्रों में अंधता निवारण अभियान को गति देते हुए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम ने मंगलवार को मवीकलां उपकेंद्र पर निशुल्क नेत्र जांच एवं मोतियाबिंद पहचान शिविर का आयोजन किया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ग्रामीणों की आंखों की जांच कर आवश्यक दवाएं वितरित कीं, जबकि छह मरीजों को निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयनित कर जिला अस्पताल रेफर किया गया।
यह शिविर जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देशों तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तीरथ लाल, अंधता निवारण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. रोबिन चौधरी एवं सीएचसी अधीक्षक डॉ. ताहिर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। शिविर का शुभारंभ ग्राम प्रधान दीपक कुमार ने किया। शिविर में करीब 60 ग्रामीणों के नेत्रों की जांच की गई। जांच के दौरान मरीजों को आंखों की देखभाल के संबंध में आवश्यक परामर्श दिया गया तथा जरूरतमंदों को निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई गईं। जांच में छह मरीज मोतियाबिंद से पीड़ित पाए गए, जिन्हें निशुल्क ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। आरबीएसके टीम ने ग्रामीणों से अपील की कि आंखों की रोशनी में कमी, धुंधला दिखाई देना या अन्य नेत्र संबंधी समस्या होने पर समय पर जांच अवश्य कराएं, ताकि समय रहते उपचार संभव हो सके और अंधता जैसी गंभीर स्थिति से बचा जा सके। शिविर में डॉ. दीप्ति चौधरी, संदीप संधु, पंकज जोशी, शिवसरन, सीएचओ प्रेरणा, आशा उषा देवी सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही।