भक्ति और श्रद्धा के साथ शुरू हुआ समोशरण महार्चना एवं श्रुत पंचमी महोत्सव
खेकड़ा कस्बे के ऐतिहासिक शांतिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में मंगलवार को त्रय दिवसीय समोशरण महार्चना एवं श्रुत पंचमी महोत्सव का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के वातावरण में हुआ। महोत्सव के प्रथम दिन बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबी मंदिर पहुंचे और आचार्य विनिश्चय सागर महाराज के सानिध्य में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर पूजा-अर्चना कर धर्मलाभ अर्जित किया।
भक्ति और श्रद्धा के साथ शुरू हुआ समोशरण महार्चना एवं श्रुत पंचमी महोत्सव
- आचार्य विनिश्चय सागर महाराज के सानिध्य में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में लिया धार्मिक अनुष्ठानों का लाभ
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
कस्बे के ऐतिहासिक शांतिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में मंगलवार को त्रय दिवसीय समोशरण महार्चना एवं श्रुत पंचमी महोत्सव का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के वातावरण में हुआ। महोत्सव के प्रथम दिन बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबी मंदिर पहुंचे और आचार्य विनिश्चय सागर महाराज के सानिध्य में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर पूजा-अर्चना कर धर्मलाभ अर्जित किया।
छोटा बाजार स्थित बड़ा जैन मंदिर में आयोजित यह धार्मिक महोत्सव 15 जून से प्रारंभ होकर 19 जून तक चलेगा। मंगलवार को सुबह से ही मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की उपस्थिति से भक्तिमय बना रहा। प्रातःकाल आयोजित मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह 6 बजे देवशास्त्र गुरु पूजा से हुई। इसके बाद 6.15 बजे अभिषेक एवं शांतिधारा, 6.50 बजे सकलीकरण, इन्द्र प्रतिष्ठा एवं मंडप प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया गया। वहीं सुबह 7.30 बजे नित्य पूजा एवं विधान प्रारंभ कराया गया। इसके उपरांत सुबह 8.45 बजे आयोजित मंगल प्रवचन में आचार्य विनिश्चय सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म, संयम और आत्मकल्याण भारतीय संस्कृति के मूल आधार हैं। धर्म मनुष्य को जीवन का सही मार्ग दिखाता है, संयम उस मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करता है और इन दोनों का अंतिम उद्देश्य आत्मकल्याण, मन की शांति, आत्मिक शुद्धि एवं मोक्ष की प्राप्ति है। आचार्य श्री के प्रेरणादायी प्रवचनों को श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा और एकाग्रता के साथ सुना। मंदिर समिति के प्रधान नितिन जैन ने बताया कि शाम 6.30 बजे सामूहिक आरती एवं गुरु भक्ति तथा रात्रि 7.30 बजे भक्तामर दीपार्चना का आयोजन किया गया। महोत्सव के सफल संचालन एवं व्यवस्थाओं में मनोज जैन, अंकुश जैन, जिनेश जैन, संजय जैन, अमित जैन, नवीन जैन सहित मंदिर समिति एवं जैन समाज के अनेक पदाधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। पूरे दिन मंदिर परिसर में धर्म, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
