लम्पी पर वार: खेकड़ा में एक दिन में 500 पशुओं का टीकाकरण, गांव-गांव पहुंचीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें

बरसात के मौसम में पशुओं को लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) से सुरक्षित रखने के लिए पशु स्वास्थ्य विभाग ने खेकड़ा क्षेत्र में विशेष टीकाकरण अभियान तेज कर दिया है। विभाग की टीमें लगातार गांव-गांव पहुंचकर पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण कर रही हैं, ताकि बीमारी फैलने से पहले ही उस पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

लम्पी पर वार: खेकड़ा में एक दिन में 500 पशुओं का टीकाकरण, गांव-गांव पहुंचीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें

लम्पी पर वार: खेकड़ा में एक दिन में 500 पशुओं का टीकाकरण, गांव-गांव पहुंचीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें
- बरसात में बढ़ते खतरे को देखते हुए अभियान तेज, पशुपालकों से समय पर टीका लगवाने और लक्षण दिखते ही सूचना देने की अपील
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
बरसात के मौसम में पशुओं को लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) से सुरक्षित रखने के लिए पशु स्वास्थ्य विभाग ने खेकड़ा क्षेत्र में विशेष टीकाकरण अभियान तेज कर दिया है। विभाग की टीमें लगातार गांव-गांव पहुंचकर पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण कर रही हैं, ताकि बीमारी फैलने से पहले ही उस पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
इसी अभियान के तहत गुरुवार को ललियाना, गोठरा और खेकड़ा कस्बे में कुल 500 पशुओं को लम्पी रोग से बचाव के टीके लगाए गए। पशु चिकित्सकों और कर्मचारियों ने पशुपालकों से सीधे संपर्क कर उनके पशुओं का टीकाकरण किया और बीमारी के प्रति जागरूक भी किया। खेकड़ा के पशु चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजकुमार रावत ने बताया कि बरसात के मौसम में लम्पी बीमारी तेजी से फैलने की आशंका रहती है। इसी कारण विभाग युद्धस्तर पर टीकाकरण अभियान चला रहा है। उन्होंने बताया कि ललियाना में 200, गोठरा में 100 तथा खेकड़ा कस्बे में 200 पशुओं का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया गया। टीकाकरण के साथ-साथ विभाग की टीमों ने पशुपालकों को लम्पी बीमारी के लक्षणों, बचाव के उपायों और पशुओं की उचित देखभाल के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। पशुपालकों को सलाह दी गई कि यदि किसी पशु में तेज बुखार, शरीर पर गांठें, सूजन, भूख कम लगना या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए नजदीकी पशु चिकित्सालय या विभागीय टीम से संपर्क करें। डॉ. राजकुमार रावत ने सभी किसानों और पशुपालकों से अपील की कि वे अपने गोवंश एवं अन्य पात्र पशुओं का समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण, सतर्क निगरानी और त्वरित उपचार ही लम्पी जैसी गंभीर बीमारी से पशुधन की सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है।