मृत मानकर अंतिम संस्कार कर चुके थे परिजन, 40 दिन बाद जीवित घर लौटा व्यक्ति
जिस व्यक्ति को परिजनों ने मृत मानकर अंतिम संस्कार कर दिया था और तेरहवीं तक की रस्में पूरी कर ली थीं, वह बुधवार को अचानक जीवित अपने घर लौट आया। घटना के बाद परिवार, स्थानीय लोग और पुलिस अधिकारी सभी हैरान रह गए।
तेजस न्यूज संवाददाता
गाजियाबाद। कौशांबी थाना क्षेत्र में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिस व्यक्ति को परिजनों ने मृत मानकर अंतिम संस्कार कर दिया था और तेरहवीं तक की रस्में पूरी कर ली थीं, वह बुधवार को अचानक जीवित अपने घर लौट आया। घटना के बाद परिवार, स्थानीय लोग और पुलिस अधिकारी सभी हैरान रह गए।
जानकारी के अनुसार वैशाली सेक्टर-5 स्थित कल्पना अपार्टमेंट निवासी 42 वर्षीय गिरधर सिंह बिष्ट 16 मई को एक विवाद के बाद पुलिस की शांतिभंग की कार्रवाई में डासना जेल भेजे गए थे। 21 मई को जेल से रिहा होने के बाद वह घर नहीं पहुंचे और लापता हो गए थे।
इसी बीच 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र की नाहल झाल नहर से एक अज्ञात शव बरामद हुआ। पुलिस द्वारा पहचान के लिए बुलाए गए परिजनों ने शव को गिरधर सिंह बिष्ट का बताते हुए उसकी शिनाख्त कर दी। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया और तेरहवीं की रस्म भी संपन्न कर दी।

गिरधर की कथित मौत को लेकर परिजनों ने कौशांबी थाने का घेराव करते हुए पुलिस और जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। मामले में मसूरी थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।
घटनाक्रम ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब 25 जून को गिरधर सिंह बिष्ट अचानक अपने घर पहुंच गए। उन्हें जीवित देखकर परिजन और आसपास के लोग स्तब्ध रह गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और उनसे पूछताछ शुरू की।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान गिरधर सिंह बिष्ट की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं लग रही है। वह विभिन्न प्रकार की असंगत बातें कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस उनके लापता रहने के दौरान की गतिविधियों और परिस्थितियों की जांच कर रही है।
अब मामले में कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि नहर से बरामद शव आखिर किस व्यक्ति का था और उसकी पहचान में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। पुलिस अब अज्ञात शव की वास्तविक पहचान स्थापित करने तथा पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने के लिए जांच में जुटी हुई है।
सहायक पुलिस अधीक्षक अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया फिलहाल इस मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। गिरधर सिंह बिष्ट से पूछताछ के साथ-साथ नहर से मिले शव की पहचान कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।