मूसलाधार बारिश ने खेकड़ा की रफ्तार थामी, बाजार से लेकर अंडरपास तक जलमग्न
कई दिनों के इंतजार के बाद मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने खेकड़ा कस्बे की रफ्तार थाम दी। सुबह करीब नौ बजे शुरू हुई बारिश दोपहर करीब दो बजे तक लगातार होती रही। करीब पांच घंटे तक हुई झमाझम बारिश से कस्बे की सड़कें, गलियां और रेलवे अंडरपास पानी से लबालब भर गए, जबकि बाजारों में जलभराव के कारण दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाजार पुलिस चौकी में अंदर तक पानी भर गया। बारिश के बाद भी रुक-रुककर फुहारों का सिलसिला जारी रहा।
मूसलाधार बारिश ने खेकड़ा की रफ्तार थामी, बाजार से लेकर अंडरपास तक जलमग्न
- पांच घंटे की झमाझम बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, बिजली गुल
- किसानों के चेहरे खिले, सब्जी उत्पादकों की बढ़ी चिंता
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
कई दिनों के इंतजार के बाद मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने खेकड़ा कस्बे की रफ्तार थाम दी। सुबह करीब नौ बजे शुरू हुई बारिश दोपहर करीब दो बजे तक लगातार होती रही। करीब पांच घंटे तक हुई झमाझम बारिश से कस्बे की सड़कें, गलियां और रेलवे अंडरपास पानी से लबालब भर गए, जबकि बाजारों में जलभराव के कारण दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाजार पुलिस चौकी में अंदर तक पानी भर गया। बारिश के बाद भी रुक-रुककर फुहारों का सिलसिला जारी रहा।
लगातार हुई बारिश से मुख्य मार्ग और मोहल्लों की गलियां नदी-नालों जैसी दिखाई देने लगीं। सबसे अधिक असर मुख्य बाजार में देखने को मिला, जहां कई दुकानों में पानी घुस गया। दुकानदारों को सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। जलभराव के कारण लोगों की आवाजाही भी काफी देर तक प्रभावित रही। बारिश ने जहां शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ाईं, वहीं किसानों के लिए राहत लेकर आई। गन्ना, धान और अन्य खरीफ फसलों के लिए यह बारिश वरदान साबित होने की उम्मीद जताई जा रही है। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे खिल उठे। हालांकि दूसरी ओर सब्जी उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी भरने से हरी सब्जियों की फसल खराब होने की आशंका गहरा गई है।
रेलवे अंडरपास बने तालाब, कई किलोमीटर का चक्कर लगाने को मजबूर लोग
बारिश के चलते खेकड़ा क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक रेलवे अंडरपास पूरी तरह पानी से भर गए। खेकड़ा, सुन्हैड़ा और गोठरा के अंडरपासों में हालात इतने खराब रहे कि पैदल निकलना तो दूर, वाहन भी नहीं गुजर सके। मजबूरन लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई-कई किलोमीटर लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ा, जिससे पूरे दिन आवागमन प्रभावित रहा।
बिजली आपूर्ति रही ठप, उद्योगों और लोगों को झेलनी पड़ी परेशानी
मूसलाधार बारिश के कारण बिजली लाइनों में कई स्थानों पर फाल्ट आ गए, जिससे सुबह से ही पूरे कस्बे की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। संविदा लाइनमैन बारिश के बीच भी फाल्ट तलाशने और उन्हें ठीक करने में जुटे रहे, लेकिन लगातार बारिश के कारण मरम्मत कार्य में काफी समय लगा। देर शाम जाकर बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। पांच घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रहने से लोगों को पेयजल, घरेलू कार्य और अन्य दैनिक जरूरतों में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं उद्योग-धंधों में भी उत्पादन प्रभावित रहा।


