श्रावण मास की महाशिवरात्रि पर ऐतिहासिक श्री परशुरामेश्वर मेला 2026 की तैयारियां तेज

श्रावण मास की महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जनपद बागपत के प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक श्री परशुरामेश्वर महादेव मंदिर, पुरा महादेव में आयोजित होने वाले श्री परशुरामेश्वर मेला 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 8 से 11 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस भव्य मेले को लेकर जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों और मेला समिति के पदाधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

श्रावण मास की महाशिवरात्रि पर ऐतिहासिक श्री परशुरामेश्वर मेला 2026 की तैयारियां तेज

श्रावण मास की महाशिवरात्रि पर ऐतिहासिक श्री परशुरामेश्वर मेला 2026 की तैयारियां तेज
- डीएम ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
- 8 से 11 अगस्त तक होगा भव्य आयोजन, शिवभक्तों की सुविधा और सुरक्षा रहेगी सर्वाेच्च प्राथमिकता
बागपत, तेजस न्यूज रिपोर्टर
श्रावण मास की महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जनपद बागपत के प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक श्री परशुरामेश्वर महादेव मंदिर, पुरा महादेव में आयोजित होने वाले श्री परशुरामेश्वर मेला 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 8 से 11 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस भव्य मेले को लेकर जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों और मेला समिति के पदाधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
श्रावण मास की ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तैयारी में जुट गया है, इस बार भव्यता के साथ तकनीक और सुरक्षा का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि श्री परशुरामेश्वर मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि आस्था, श्रद्धा और भक्ति का महापर्व है, जिसमें लाखों शिवभक्त हरिद्वार सहित विभिन्न स्थानों से पवित्र गंगाजल लेकर पुरा महादेव पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम रहे। 
जीरो वेस्ट महोत्सव के रूप में होगा आयोजन
डीएम अस्मिता लाल ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इस बार मेले को “जीरो वेस्ट महोत्सव” के रूप में विकसित किया जाए। मेला क्षेत्र और कांवड़ मार्ग पर कहीं भी प्लास्टिक का उपयोग नहीं होना चाहिए। दुकानदारों को रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी, जबकि भंडारों में गुणवत्ता युक्त भोजन उपलब्ध कराया जाए। कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस-मछली की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी।
कांवड़ यात्रा को बनाया जाएगा सुरक्षित और सुगम
जिलाधिकारी ने बिजली विभाग को निर्देश दिए कि कांवड़ मार्ग पर लगे 222 ट्रांसफार्मरों और लगभग 2200 बिजली पोलों पर 8 फीट तक सुरक्षा रैपिंग की जाए। सभी ट्रांसफार्मरों के चारों ओर मजबूत बैरिकेडिंग, मोबाइल ट्रांसफार्मर की व्यवस्था तथा विद्युत पोलों पर सुरक्षा पन्नी लगाई जाए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो।
सड़क, सफाई, पानी और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष फोकस
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कांवड़ मार्ग पर सड़कें पूरी तरह दुरुस्त होनी चाहिए। जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हैं वहां तत्काल मरम्मत और पैचवर्क कराया जाएगा। इसके अलावा पूरे मार्ग पर साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, मोबाइल टॉयलेट, हैंडपंपों की टेस्टिंग और झाड़ियों की कटाई 20 जुलाई तक पूरी करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं को किया जाएगा मजबूत
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि मेला परिसर में अस्थायी अस्पताल बनाए जाएं, जगह-जगह एंबुलेंस और बाइक एंबुलेंस तैनात हों। निजी अस्पतालों की सूची तैयार कर सूचना विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके।
पहली बार बनेगा कांवड़ यात्रा ऐप
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सूचना विभाग द्वारा विशेष “कांवड़ यात्रा ऐप” तैयार किया जाएगा। इस ऐप और क्यूआर कोड के माध्यम से श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र, चिकित्सा सेवाएं, पार्किंग, बस स्टैंड, सुविधाओं और सुरक्षा संबंधी पूरी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी।
सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम
पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि अपने क्षेत्रों में डीजे संचालकों के साथ बैठक कर निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। मंदिर परिसर, प्रवेश-निकास द्वारों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, वीडियोग्राफी और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं
प्रशासन की ओर से पार्किंग स्थल से मंदिर तक 15 निशुल्क ई-रिक्शा, व्हीलचेयर सुविधा, वालंटियर, तीन अस्थायी बस अड्डे, मोबाइल टॉयलेट, गोताखोर, अग्निशमन यंत्र, बालू की बाल्टियां और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वाेच्च जिम्मेदारी है। टीमवर्क के साथ इस आयोजन को प्रदेश ही नहीं बल्कि देश स्तर पर एक आदर्श आयोजन बनाया जाएगा। बैठक में सीएमओ डॉ. तीरथ लाल, सीडीओ अनिल कुमार सिंह, एडीएम विनीत कुमार उपाध्याय, एएसपी प्रवीण सिंह चौहान, एसडीएम मनीष कुमार यादव, एसडीएम ज्योति शर्मा, एसडीएम भावना सिंह, एआरटीओ विपिन कुमार, पीडब्ल्यूडी, विद्युत विभाग, पंचायत विभाग के अधिकारी तथा पुरा महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी जय भगवान शर्मा सहित मेला समिति के सदस्य मौजूद रहे।