वेदों के मार्ग से ही सशक्त और समृद्ध बनेगा भारत : संत

खेकड़ा कस्बे में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में संतों एवं धर्माचार्यों ने वेदों के सिद्धांतों को जीवन में उतारकर सनातन संस्कृति को सुदृढ़ बनाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में भावी पीढ़ी को वैदिक परंपराओं से जोड़ना राष्ट्र निर्माण की दिशा में अत्यंत आवश्यक है।

वेदों के मार्ग से ही सशक्त और समृद्ध बनेगा भारत : संत

वेदों के मार्ग से ही सशक्त और समृद्ध बनेगा भारत : संत
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
कस्बे में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में संतों एवं धर्माचार्यों ने वेदों के सिद्धांतों को जीवन में उतारकर सनातन संस्कृति को सुदृढ़ बनाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में भावी पीढ़ी को वैदिक परंपराओं से जोड़ना राष्ट्र निर्माण की दिशा में अत्यंत आवश्यक है।
रविवार को बड़ागांव मार्ग स्थित रामवाटिका में आयोजित हिन्दू सम्मेलन का शुभारम्भ महामंडलेश्वर भैयादास महाराज ने किया। मुख्य अतिथि ब्रजघाट पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी जलेश्वरानंद गिरी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि माता-पिता का दायित्व है कि वे अपनी संतानों को प्राचीन वैदिक संस्कृति का ज्ञान कराएं तथा भारत की गौरवशाली ऐतिहासिक सभ्यता से परिचित कराएं। उन्होंने कहा कि आर्थिक उन्नति आवश्यक है, किंतु रोटी के साथ बेटी की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान का विशेष ध्यान रखना समाज का नैतिक कर्तव्य है। वैदिक संस्कृति के प्रसार से ही भारत पुनः विश्वगुरु के पद की ओर अग्रसर होगा। स्वामी जलेश्वरानंद गिरी महाराज ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज का हिन्दू समाज भटके मार्ग से लौटकर अपने मूल संस्कारों की ओर बढ़ रहा है। जो लोग अब तक अपने आराध्यों से दूर थे, वे भी अब उन्हें पहचानने लगे हैं। यही वैचारिक जागरूकता एक सशक्त और उन्नत भारत की पहचान है। सम्मेलन को महामंडलेश्वर भैयादास महाराज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारकों तथा अन्य विद्वानों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राकेश कौशिक एडवोकेट ने की, जबकि संचालन संजय शर्मा ने किया। सम्मेलन के सफल आयोजन में हिन्दू सम्मेलन समिति के कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।