पैतृक जमीन के फर्जीवाड़े को लेकर बहनों में विवाद, घर में घुसकर जानलेवा हमले का आरोप
फखरपुर गांव में पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर बहनों के बीच विवाद गहरा गया है। एक महिला ने अपनी बड़ी बहन, उसके पुत्र, छोटी बहन समेत पांच लोगों पर फर्जी दान पत्र तैयार कर पैतृक जमीन हड़पने, घर में घुसकर जानलेवा हमला करने, मारपीट, लूटपाट और छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है। उच्च अधिकारियों के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पैतृक जमीन के फर्जीवाड़े को लेकर बहनों में विवाद, घर में घुसकर जानलेवा हमले का आरोप
- सात बीघा जमीन फर्जी दान पत्र से पुत्र के नाम कराने का आरोप, छेड़छाड़ और लूटपाट की भी शिकायत
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
फखरपुर गांव में पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर बहनों के बीच विवाद गहरा गया है। एक महिला ने अपनी बड़ी बहन, उसके पुत्र, छोटी बहन समेत पांच लोगों पर फर्जी दान पत्र तैयार कर पैतृक जमीन हड़पने, घर में घुसकर जानलेवा हमला करने, मारपीट, लूटपाट और छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है। उच्च अधिकारियों के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता पूजा की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, माता-पिता की मृत्यु के बाद करीब 15 बीघा पैतृक कृषि भूमि आठों बहनों के नाम दर्ज थी। आरोप है कि उसकी बड़ी बहन अपने हिस्से की जमीन वर्ष 2018 में ही बेच चुकी थी। इसके बावजूद आरोपियों ने कथित साजिश के तहत 19 जुलाई 2025 को फर्जी एवं नुमाइशी दान पत्र तैयार कर सात बीघा कृषि भूमि उसके पुत्र के नाम पंजीकृत करा दी। पीड़िता ने इस कथित धोखाधड़ी में अपनी छोटी बहन और एक ग्रामीण के गवाह बनने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता का आरोप है कि 15 अप्रैल 2026 को वह अपनी तीन बहनों के साथ फखरपुर स्थित पैतृक घर में मौजूद थी। इसी दौरान आरोपी अपने बाघू गांव निवासी साथी के साथ घर में घुस आए और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि इस दौरान उसका गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया गया, चश्मा तोड़ दिया गया और सोने की चेन भी तोड़कर ले ली गई। पीड़िता ने छेड़छाड़, गाली-गलौज और बीच-बचाव करने पहुंचे पड़ोसी के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया है। घटना के बाद पीड़िता ने खेकड़ा कोतवाली में शिकायत कर मेडिकल कराया था। कार्रवाई न होने पर उसने पुलिस अधीक्षक बागपत को रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थना पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई। इसके बाद उच्च अधिकारियों के आदेश पर पुलिस ने आरती, आरव, निधि, सुमेश और मनोज शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर पैतृक संपत्ति से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के साथ ही मारपीट, जानलेवा हमले, लूटपाट और छेड़छाड़ के आरोपों में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।