आदर्श पब्लिक स्कूल में मनाया राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस, बच्चों ने दिखाया वैज्ञानिक हुनर

आदर्श पब्लिक स्कूल खेकड़ा में शनिवार को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन उत्साह और हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भारत की अंतरिक्ष यात्रा, चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता और अंतरिक्ष विज्ञान की उपलब्धियों से परिचित कराया गया। बच्चों द्वारा तैयार किए गए रॉकेट, ग्रहों और सौरमंडल के मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे।

आदर्श पब्लिक स्कूल में मनाया राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस, बच्चों ने दिखाया वैज्ञानिक हुनर

आदर्श पब्लिक स्कूल में मनाया राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस, बच्चों ने दिखाया वैज्ञानिक हुनर
खेकड़ा, तेजस न्यूज रिपोर्टर
आदर्श पब्लिक स्कूल में शनिवार को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन उत्साह और हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भारत की अंतरिक्ष यात्रा, चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता और अंतरिक्ष विज्ञान की उपलब्धियों से परिचित कराया गया। बच्चों द्वारा तैयार किए गए रॉकेट, ग्रहों और सौरमंडल के मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या कोमल शर्मा ने अंतरिक्ष विज्ञान के महत्व पर प्रेरणादायक संदेश के साथ किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 की सफलता के साथ भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के निकट उतरने वाला पहला देश बना। इसी ऐतिहासिक उपलब्धि की स्मृति में 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने चंद्रयान-3 की सफलता, भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के योगदान और अंतरिक्ष अन्वेषण से जुड़ी आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन करते हुए रॉकेट, विभिन्न ग्रहों और सौरमंडल के मॉडल तैयार किए, जिन्हें देखकर अन्य विद्यार्थी और शिक्षक उत्साहित नजर आए। विद्यालय में भाषण, चित्रकला और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को संदेश दिया गया कि केवल सपने देखना पर्याप्त नहीं, बल्कि उन्हें साकार करने के लिए विज्ञान, ज्ञान, लगन और निरंतर मेहनत जरूरी है। प्रधानाचार्या कोमल शर्मा ने कहा कि आज के बच्चे ही भविष्य के वैज्ञानिक, अंतरिक्ष यात्री और नई खोजों के निर्माता बनेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने और देश को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने भारत को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में और ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में खुशी धामा, रेखा शर्मा, नीतू पांडे, दीपा शर्मा, आरजू ढाका, दीपा चौहान, अंजली पंवार, राधिका कौशिक, दिया त्यागी, इंद्रेश शर्मा, ईशा यादव, सारिका रस्तोगी, सरिता धीरयान, सुषमा और बीना सहित समस्त स्टाफ का सहयोग रहा।