मलकपुर चीनी मिल ने चुकाया किसानों का पूरा गन्ना मूल्य

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की प्रमुख गन्ना पट्टी बागपत में किसानों के लिए बुधवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। मलकपुर चीनी मिल ने किसानों के गन्ना मूल्य का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया। मिल प्रबंधन ने 2 अप्रैल 2026 तक खरीदे गए गन्ने के भुगतान की अंतिम किस्त के रूप में 49 करोड़ 13 लाख रुपये का बैंक चेक जिलाधिकारी अस्मिता लाल को सौंपा। इसके साथ ही मलकपुर मिल पर किसानों का कोई गन्ना मूल्य बकाया नहीं रह गया है।

मलकपुर चीनी मिल ने चुकाया किसानों का पूरा गन्ना मूल्य

मलकपुर चीनी मिल ने चुकाया किसानों का पूरा गन्ना मूल्य
- 49.13 करोड़ की अंतिम किस्त का चेक डीएम को सौंपा, मिल पर अब किसानों का एक भी रुपया बकाया नहीं
- डीएम ने भैसाना, किनौनी और रमाला मिलों से भी जल्द शत-प्रतिशत भुगतान कराने के दिए निर्देश
बागपत, तेजस न्यूज रिपोर्टर
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की प्रमुख गन्ना पट्टी बागपत में किसानों के लिए बुधवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। मलकपुर चीनी मिल ने किसानों के गन्ना मूल्य का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया। मिल प्रबंधन ने 2 अप्रैल 2026 तक खरीदे गए गन्ने के भुगतान की अंतिम किस्त के रूप में 49 करोड़ 13 लाख रुपये का बैंक चेक जिलाधिकारी अस्मिता लाल को सौंपा। इसके साथ ही मलकपुर मिल पर किसानों का कोई गन्ना मूल्य बकाया नहीं रह गया है।
बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में चेक सौंपे जाने के बाद डीएम ने जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल और मिल प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके गन्ने का समय से भुगतान दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। मलकपुर मिल की तरह जिले की अन्य चीनी मिलों से भी किसानों के बकाये का शीघ्र शत-प्रतिशत भुगतान कराया जाए। डीएम ने विशेष रूप से भैसाना, किनौनी और रमाला चीनी मिलों के बकाया भुगतान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के भुगतान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दो दशक के बकाये का भी हुआ निपटारा
मलकपुर चीनी मिल की ओर से किसानों के पुराने लंबित बकायों का भी निपटारा किए जाने से गन्ना किसानों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से भुगतान की अनिश्चितता झेल रहे किसानों के लिए मिल का शत-प्रतिशत भुगतान बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अंतिम किस्त जमा होने के बाद किसानों को राहत मिली है और गांव-देहात में इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।प्रशासन का कहना है कि किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए चीनी मिलों की लगातार समीक्षा की जा रही है। मलकपुर मिल द्वारा पूरा भुगतान किए जाने के बाद अब अन्य मिलों पर भी किसानों के बकाये के जल्द निपटारे का दबाव बढ़ गया है।