पूर्व महानगर अध्यक्ष ने भाजपा से नोएडा विधान सभा सीट पर ठोकी दावेदारी
मनोज गुप्ता को मिला वैश्य समाज का पूरा समर्थन
तेजस न्यूज संवाददाता
उत्तर प्रदेश के 2027 में होने वाले विधान सभा चुनाव के लिए सभी नेताओं द्वारा टिकट की दावेदारी पेश की जा रही हैं। इसी दावेदारी के बीच नोएडा विधान सभा सीट से भाजपा टिकट की दावेदारी भी पेश की गई है। नोएडा विधान सभा सीट से पूर्व महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने चुनाव लड़ने का दावा पेश किया है। पूर्व महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता के चुनाव लड़ने की सूचना के बाद वैश्य समाज की तरफ से उन्हें पूर्ण समर्थन भी मिल चुका हैं।

पूर्व महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने बताया कि वह स्थानीय होने के अलावा पिछले लगभग 35 सालों से भाजपा के सिद्धांतों पर चल रहे हैं। विधान सभा चुनाव में वह भी अपनी दावेदारी पेश करना चाहते हैं। भाजपा से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं का यह पूरा अधिकार हैं। वह किसानों की समस्याओं को काफी अच्छी तरह से समझते हैं। नोएडा के गांवों की समस्याओं को हल कराने की लगातार कोशिश भी कर रहे हैं। गांवों ने मजदूरों के आवास की समस्या को अपने स्तर पर मिलकर सुलझाया है। उद्योगों में काम करने वालों के लिए आवास व्यवस्था उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण के पास हैं। शहर में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, शिक्षा और भूमिहीन लोगों को पुनर्वास की योजना लागू करना भी प्राधिकरण का काम हैं।

2027 में मजबूती के साथ चुनाव लड़ने जा रहेःमनोज गुप्ता
पूर्व महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने बताया कि भाजपा से इस बार नोएडा विधान सभा सीट से टिकट की दावेदारी पेश कर रहे हैं। 2027 के विधान सभा चुनाव में पार्टी को मजबूती देने का काम करेंगे। अगर पार्टी की तरफ से उन्हें टिकट दिया जाता है तो वह काफी मजबूती के साथ चुनाव लड़ने को तैयार हैं। हालांकि, टिकट देने का अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान को करना है।
2017 से भाजपा से पंकज सिंह हैं विधायक
नोएडा विधान सभा सीट पर साल 2017 से पंकज सिंह भाजपा से विधायक हैं। भाजपा सूत्रों की तरफ से इस बात के संकेत अभी तक नहीं मिल रहे हैं कि नोएडा विधान सभा सीट पर भाजपा किसी नए चेहरे का विकल्प खोज रही हैं। ऐसे में यह माना जा रहा है कि पंकज सिंह को तीसरी बार नोएडा विधान सभा सीट से प्रत्याशी के तौर पर उतारा जा सकता हैं। भाजपा की नोएडा विधान सभा सीट अजेय मानी जाती हैं। 2022 के विधान सभा चुनाव में पंकज सिंह को करीब 70 प्रतिशत मत प्राप्त हुए थे।