सपा से समाजसेवी भरत यादव को मिल सकता है टिकट
पंकज सिंह के समक्ष मजबूत प्रत्याशी उतारना चाहती है सपा
विनय जोशी
उत्तर प्रदेश के 2027 में होने वाले विधान सभा चुनावों में अब मात्र पांच महीने से भी कम का समय रह गया है। ऐसे में नोएडा विधान सभा सीट को लेकर भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा की तरफ से तैयारियां शुरू हो गई है। नोएडा विधान सभा सीट पर भाजपा के मौजूदा विधायक और मजबूत प्रत्याशी के तौर पर माने जाने वाले पंकज सिंह के सामने विपक्ष किस चेहरे पर दांव लगाएगा। अभी यह बातें भविष्य पर टिकी हुई हैं, हालांकि, नोएडा विधान सभा सीट पर विधान सभा चुनावों को लेकर राजनीति शुरू हो चुकी है। नोएडा विधान सभा सीट पर संभावित प्रत्याशियों की अगर बात की जाए तो शहर में इस बात की सबसे ज्यादा चर्चा चल रही हैं कि विधान सभा चुनावों में समाजवादी पार्टी से जुड़े और वरिष्ठ समाजसेवी भरत यादव को टिकट मिलना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, अभी तक समाजवादी पार्टी की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई घोषणा नहीं की गई है।

नोएडा विधान सभा सीट पर भाजपा विधायक पंकज सिंह पिछले कई वर्षों से अपनी एक अलग पहचान बना चुके हैं। समय के साथ नोएडा विधान सभा सीट पर उनकी पकड़ भी काफी मजबूती होती चली गई है। वह देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र भी हैं। ऐसे में भाजपा के लिए नोएडा विधान सभा सीट पर मौजूदा समय में पंकज सिंह का विकल्प नहीं माना जा रहा है। विपक्ष के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि पंकज सिंह के सामने किस मजबूत प्रत्याशी को उतारा जा सके। जिससे नोएडा विधान सभा सीट पर उनकी जीत सुनिश्चित हो सके।
सपा के सक्रिय नेता माने जाते हैं भरत यादव
नोएडा के गढ़ी चौखंडी के पूर्व प्रधान स्वर्गीय चौधरी रघुवीर सिंह प्रधान के पुत्र भरत यादव हैं। भरत यादव का राजनीतिक जुड़ा नोएडा के गांव और समाजवादी पार्टी से रहा हैं। उनके पिता भी समाजवादी पार्टी की राजनीति में सक्रिय भूमिका मानी जाती हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भरत यादव के पिता के सम्मान में प्रतिमा का अनावरण करने के लिए नोएडा पहुंचे थे। भरत यादव नोएडा इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के चेयरमैन और समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव भी हैं।
सिकंदराबाद मांग रहे हैं भरत यादव
भरत यादव से जुड़े सूत्र बताते हैं कि उनकी प्राथमिकता नोएडा के बदले बुलंदशहर की सिकंदराबाद विधान सभा मानी जा रही हैं। अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को यह तय करना है कि वह नोएडा विधान सभा सीट से चुनाव लड़ेंगे या किसी अन्य विधान सभा सीट से पार्टी चुनाव लड़ाती हैं।