ऑन डिमांड लग्जरी गाड़ियों की चोरी करने वाले वाहन चोर गैंग का पर्दाफाश,4 अभियुक्त गिरफ्तार,चोरी की 3 लग्जरी गाड़ी भी बरामद

पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद की क्राइम ब्रांच टीम ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गैंग का खुलासा करते हुए 4 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से पुलिस ने तीन चोरी की लग्जरी कार और चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण भी बरामद किए हैं। पुलिस की मानें तो यह गैंग ऑनडिमांड ही गाड़ियों की चोरी करता था।

ऑन डिमांड लग्जरी गाड़ियों की चोरी करने वाले वाहन  चोर गैंग का पर्दाफाश,4 अभियुक्त गिरफ्तार,चोरी की 3 लग्जरी गाड़ी भी बरामद
चंद्रांशु त्यागी ,गाजियाबाद
लग्जरी गाड़ियों की ऑन डिमांड चोरी करने वाले वाहन चोर गैंग का खुलासा ,चार अभियुक्त गिरफ्तार ,तीन लग्जरी गाड़ी बरामद

गाजियाबाद की क्राइम ब्रांच पुलिस को एक बड़ी कामयाबी उस वक्त हाथ लगी। जब पुलिस ने एक वाहन चोर गैंग का खुलासा करते हुए चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की गई तीन चोरी की लग्जरी कार के अलावा चोरी में प्रयोग करने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हैं। पुलिस की मानें तो यह गैंग पिछले काफी समय से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय था। हर बार पुलिस को चकमा देने में भी कामयाब हो जाता था। लेकिन इस बार क्राइम ब्रांच पुलिस ने इन्हें धर दबोचा।

इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए डीसीपी ने बताया कि क्राइम ब्रांच पुलिस ने विश्वसनीय सूत्रों के आधार पर दिल्ली एनसीआर में लग्जरी गाड़ियों की चोरी करने वाले वह बेचने वाले एक अंतरराज्जीय वाहन चोर गैंग का पर्दाफाश करते हुए 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से दो ब्रेजा गाड़ी और एक किया सेल्टोस वह भारी मात्रा में चोरी करने के उपकरण भी बरामद किए हैं।

उन्होंने बताया कि पूछताछ पर अभियुक्त नूर मोहम्मद ने बताया कि वह आठवीं फेल है और जाति से बढ़ई है। वह लकड़ी का फर्नीचर बनाने का कार्य करता था। जिसमें मेहनत ज्यादा आती थी और आमदनी कम होती थी। इस रोजगार से उसका परिवार का खर्चा नहीं चल पाता था। इसलिए वह अपने एक साथी के संपर्क में आया और गाड़ी चोरी करने लगा। इसके अलावा अभियुक्त हाकिम ने बताया कि वह भी अनपढ़ है और घर पर भैसों का दूध बेचने का कार्य करता था। लेकिन दूध बेच कर आए ऐसे घर चलाने के लिए पर्याप्त नहीं थे। वह टैब व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सहायता से गाड़ी चोरी करना सीख गया। उधर इसके अलावा शाकिर नाम के अभियुक्त ने बताया कि वह छठी फेल है। पहले वह सुंदर नगरी में प्लास्टिक के कबाड़ का काम करता था। काफी समय से वह हाकिम की चोरी की गाड़ी लेकर मोहसीन उर्फ सोनू को बेच देता था। मोहसीन और सोनू ने पूछताछ में बताया कि वह सातवीं पढ़ा हुआ है। पहले उसने 7- 8 वर्षों तक मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान मेरठ में की। लेकिन दुकान ना चलने के कारण वह मेरठ के रहने वाले जैद के संपर्क में आया और उसके साथ चोरी की करने लगा। हालांकि वह जेल भी गया। उसके बाद भी वह दिल्ली आया और टैक्सी चलाने लगा। लेकिन कम आमदनी होने के कारण कुछ समय पहले वह साकिर के संपर्क में आया और चोरी की गाड़ी लेकर आगे सप्लाई करने लगा। इसमें उसे काफी मुनाफा होने लगा।

डीसीपी ने बताया कि अभी उन्होंने यह भी बताया कि मेरा व हाकिम, मोहसीन उर्फ सोनू ,साकिर, स्माइल ,सुनील काला, चांद मोहम्मद उर्फ चांदल का एक संगठित गिरोह है ,जो दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में लग्जरी गाड़ियों को मांग के अनुसार एक दूसरे के माध्यम से आगे बेचा करते थे। गाड़ी की डिमांड मोहसीन उर्फ सोनू, साकिर ,सुनील काला ,व चांदल ही बताते थे और फिर हाकिम रेस्माइल डिमांड वाली गाड़ियों को चोरी करने के लिए रात में गाड़ी से ही रेकी करते थे। रेकी करने के बाद गाड़ी को चिन्हित मौका पाकर हाकिम व स्माइल मौके पर पहुंचकर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से नकली चाबी बना लेते थे और गाड़ी को चोरी कर दूर जाने के बाद उसकी नंबर प्लेट बदल देते थे। जीपीएस काम ना करें उसके लिए जैमर लगा देते थे और कुछ समय बाद गाड़ी की डिमांड करने वाले साथी को बेच दिया करते थे और वह आगे पार्टी को बेच देते थे। अगर कोई पार्टी सीधा मिलती थी तो उसको उसकी डिमांड के अनुसार गाड़ी चोरी करके बेच देते थे।गाड़ी चोरी कर बेचने में जो पैसा मिलता था। उसको वह खुद और हाकिम वे स्माइल आपस में बराबर बांट लेते थे और उसी पैसे से अपने शौक वह अपने घर का खर्चा चलाते थे। उन्होंने बताया कि इनका यह गैंग पिछले काफी समय से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय है और हर बार पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो जाता था। डीसीपी ने बताया कि इनका अन्य आपराधिक इतिहास खंगालते हुए इनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।