तेजेश चौहान, तेजस
(बाईक बोट घोटाले से जुड़े आरोपी सतेंद्र सिंह भसीन की जमानत याचिका रद्द,गैर जमानती वारंट जारी)
(गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी पुलिस अभी तक सतेंद्र सिंह भसीन को नहीं कर पाई गिरफ्तार)
नोएडा:
नोएडा के बाइक बोट घोटाले से बड़ी खबर यह है कि बाईक बोट के हज़ारों करोड़ के घोटाले से जुड़े आरोपी सतेंद्र सिंह भसीन ने न्यायालय में अपनी जमानत याचिका दाखिल की थी। लेकिन मुख्य न्यायाधीश गौतम बुद्ध नगर ने सतेंद्र सिंह भसीन की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इतना ही नहीं उनके खिलाफ गैर जमानती (एनबीडब्ल्यू )वारंट भी जारी कर दिए हैं। यानी अब सतेन्द्र सिंह भसीन को जल्द ही न्यायालय के समक्ष पेश होना होगा।

बताते चलें कि सतेन्द्र सिंह भसीन ने मैसर्स गर्वित इनोवेटिव प्राइवेट लिमिटेड(बाइक बोट) के जरिये लोगों को जल्द ही मोटी कमाई के लालच दिया गया। जिसके तहत इस कम्पनी पर विश्वास करते हुए बड़ी संख्या में लोगों ने इस कम्पनी में हज़ारों करोड़ रुपये निवेश किये। लेकिन कुछ समय बाद ही कंपनी में बड़ा घोटाला नजर आया और कंपनी बंद कर दी गई। इसके बाद लोगों ने इस कंपनी से जुड़े सतेंद्र भसीन उर्फ मोंटू भसीन के खिलाफ बड़ी संख्या में तहरीर दी और न्याय की गुहार लगाई गई। जानकारी के मुताबिक सतेंद्र भसीन उर्फ मोंटू भसीन ने बाईक बोट कम्पनी 140 करोड़ रूपये मॉल में निवेश किये थे यह पैसा घोटाले को अंजाम देने वाली कम्पनी से ही हांसिल किया गया था। बाइक बोट के तहत 42 हजार करोड़ का फर्जीवाड़ा होना होना पाया गया था। इस फर्जीवाड़े में एक न्यूज चैनल के मालिक बीएन तिवारी का नाम भी सामने आया था।

वहीं बाईक बोट घोटाले से जुड़े मामले में 2/4/ मार्च 2023 को न्यायालय द्वारा अभियुक्त सतेंद्र सिंह भसीन द्वारा अपराध संख्या 980/ 220 सरकार बनाम सत्येंद्र भसीन अंतर्गत धारा 420, 406, 467 ,468, 471, 120 भी के तहत थाना सेक्टर 20 नोएडा गौतम बुध नगर में प्रस्तुत वारंट रिकॉल प्रार्थना पत्र को यह कहते हुए निरस्त कर दिया गया था। कि मामले में अभियुक्त जमानत पर नहीं है। लिहाजा प्रार्थना पत्र विधि रूप से पोषणीय नहीं है। बहस के दौरान न्यायालय को अवगत कराया गया। कि प्रकरण में उच्च न्यायालय से अभियुक्त के विरुद्ध 5 महीने या प्रचलित मेडिएशन कार्यवाही के लंबित रहने तक किसी प्रकार की उत्पीडनात्मक कार्यवाही ने करने का निर्देश दिया गया था।
इस पूरे प्रकरण में 24 मार्च 2023 को न्यायालय के समक्ष संबंधित प्रकार के द्वारा मेडिएशन वार्ता से संबंधित प्रश्न पत्र दाखिल किए गए। दाखिल प्रपत्रों के अवलोकन से स्पष्ट है। कि मामले में मीडिया एशियन की कार्रवाई प्रारंभ हुई लेकिन मिडिएशन सफल न होने के कारण निर्देशन वार्ता 2 फरवरी 2023 को असफल घोषित की गई और 24 मार्च 2023 को वारंट रीकॉल प्रार्थना पत्र निरस्त होने के बाद अभियुक्त द्वारा कोई ऐसा प्रपत्र दाखिल नहीं किया गया। जिससे यह जानकारी हो कि अभियुक्त के खिलाफ कोई विभिन्न आत्मक कार्रवाई अमल में क्यों नहीं लाई जाए। इसके अलावा अभियुक्त द्वारा अंतर्गत धारा 482 करना उचित होगा कि अभियुक्त संख्या 32467/2022 पहले ही प्रस्तुत किया गया था। उसे आदेश के अधीन मेडिएशन वार्ता असफल हो गई लिहाजा अभियुक्त के खिलाफ वर्तमान में किसी प्रकार की उत्पीड़न आत्मक कार्रवाई को निषेधित करने संबंधी कोई आदेश पत्रावली पर दाखिल नहीं किया गया है। जिसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य एक मजिस्ट्रेट गौतम बुद्धनगर ने अभियुक्त सतेंद्र सिंह भसीन के खिलाफ (एन बीडब्ल्यू) गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।
लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि एनवीडब्ल्यू वारंट जारी होने के बाद भी पुलिस अभी तक सतेंद्र सिंह भसीन को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जिसके बाद एक पुलिस पर भी यह बड़ा सवाल खड़ा होता है?