तेजेश चौहान तेजस
सरकार भले ही कोई भी हो लेकिन मंत्रियों की हनक कभी कम नहीं होती। क्योंकि दिल्ली से सटे गाजियाबाद में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला।जिसके तहत दो दिन पहले कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का दौरा था।इस दौरान मंत्री को गाजियाबाद के मसूरी झील का निरीक्षण करना था।इस झील में मछली पालन जैसी योजना पर कार्य चल रहे हैं।
मंत्री जी अपने लाव-लस्कर के साथ झील के पास पहुंचे। रास्ता कच्चा होने की वजह से उन्हें मजबूरन गाड़ी से उतरकर पैदल चलना पड़ा। इस बीच अचानक ही बारिश शुरू होने के कारण मंत्री जी का वीआईपी कल्चर देखने को मिला। मंत्री जी के आगे पीछे तमाम लोग इस तरह लगे दिखाई दिए। यदि मंत्री जी को कोई परेशानी हुई या उनके कपड़े गंदे हुए तो शायद किसी अधिकारी पर ही आंच ना जाये।

बताते दें कि प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का गाजियाबाद में दौरा हुआ। इस दौरान यहां पर मछली पालन जैसे कार्यों के लिए तैयारी चल रही है। मंत्री जी ने उसी झील का निरीक्षण करने का मन बनाया और वह झील की तरफ चल दिए। इन तस्वीरों में आप साफ तौर पर देख सकते हैं। कि मंत्री जी को झील तक ले जाने के लिए कितने लोग आगे पीछे लगे हुए हैं। झील के रास्ते की हालत बेहद खराब है। उधर बारिश के कारण पूरे रास्ते में पानी भरा हुआ है।
मंत्री जी के सफेद कुर्ते पायजामे पर गंदगी की कोई छींट ना लग जाए। इसके लिए मंत्री जी के आगे पीछे कुछ लोग बोरी बिछाते हुए नजर आ रहे हैं। इन तस्वीरों को देखकर आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं। कि मंत्री पद की हनक कैसी होती है ? बड़ी बात यह है कि रास्ते की हालत इतनी खस्ता होने के बावजूद भी मंत्री जी का झील का दौरा रद्द नहीं हुआ।उनके आगे पहले बोरी बिछाई जा रही थीं । जब वह आगे बढ़ जाते तो दूसरा शख्स पीछे से बोरी उठाता। उसके बाद फिर से मंत्री जी के आगे बोरी बिछाई जा रही थीं।
वहीं एक कर्मचारी उन्हें बारिश से बचाने के लिए उनके साथ छतरी लेकर चल रहा था।पूरे रास्ते चलने के बाद मंत्री तो ठीक-ठाक मसूरी झील पर पहुंच गए।लेकिन अधिकारियों के कपड़े कीचड़ और बारिश के पानी से जरूर खराब हो गए।अब ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है ? कि जब वीआईपी कल्चर को लेकर बीजेपी हमेशा विरोधी पार्टियों पर तंज कसती आई है, तो अब बीजेपी पार्टी में ऐसा क्यों देखने को मिल रहा है ?